मलाशय के कैंसर की सर्जरी के बाद हर्निया का खतरा: कारण और बचाव
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मलाशय का कैंसर (Rectal Cancer) के इलाज के दौरान अक्सर मरीजों के पेट पर मल निकालने के लिए एक अस्थायी रास्ता बनाया जाता है। इसे मेडिकल भाषा में स्टोमा (Stoma) कहते हैं। इलाज पूरा होने के बाद एक सर्जरी करके इस रास्ते को वापस बंद कर दिया जाता है।
एक नए शोध में सामने आया है कि इस रास्ते को बंद करने के बाद लगभग 25 प्रतिशत मरीजों को उसी जगह पर हर्निया (Hernia) की समस्या हो जाती है। यह एक ऐसी स्थिति है जहां पेट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और अंदर का हिस्सा बाहर की तरफ उभरने लगता है।
खतरा किन कारणों से बढ़ता है?
डॉक्टरों ने इस अध्ययन में उन मुख्य बातों का पता लगाया है जिनसे यह परेशानी होती है। 65 वर्ष या उससे अधिक की उम्र होना एक बड़ा कारण है। शरीर का वजन अधिक (BMI) होना भी इस जोखिम को बढ़ाता है।
अगर छेद 3 सेंटीमीटर से बड़ा था तो खतरा ज्यादा रहता है। स्टोमा को बंद करने में 6 महीने से ज्यादा की देरी (Delayed reversal) करना भी नुकसानदायक है। ऑपरेशन वाली जगह पर संक्रमण (Infection) होना एक अन्य प्रमुख कारण है।
शरीर में प्रोटीन (Albumin) की कमी से भी घाव ठीक से नहीं भरता है। अच्छी बात यह है कि कैंसर के अन्य इलाजों जैसे कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी से यह खतरा नहीं बढ़ता है।
बचाव के लिए क्या करें?
डॉक्टरों ने अब एक ऐसा तरीका (Predictive model) विकसित किया है जो समय रहते बता सकता है कि किन मरीजों को यह दिक्कत हो सकती है। आप अपने वजन को सही स्तर पर रखकर इस खतरे को कम कर सकते हैं।
डॉक्टर की सलाह पर सही समय पर अपनी सर्जरी करवाएं। पौष्टिक आहार लें ताकि आपके शरीर में कमजोरी न रहे। ऑपरेशन के बाद टांकों की अच्छी तरह से देखभाल करें जिससे कोई इन्फेक्शन न हो। अपनी आगामी सर्जरी से पहले डॉक्टर से अपनी स्थिति के बारे में पूरी जानकारी लें।