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कौन-सी अग्नाशय गाँठ robot से निकल सकती है?

अग्नाशय के cancer के लिए चार अलग ऑपरेशन हैं, और हर मरीज़ को ऑपरेशन की ज़रूरत नहीं होती. यह पन्ना गाँठ की जगह और बड़ी नसों से उसकी दूरी के हिसाब से फ़ैसला समझाता है: किसे robot, किसे open, और किसे पहले chemotherapy. Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad.

आख़िरी बदलाव: 11 अक्टूबर 2026

Dr Harsh Shah, robotic GI cancer surgeon, Ahmedabad

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Robotic Cancer Surgeon (GI)
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad
★★★★★ Google: 4.9, 53 reviews (Gota clinic) · 5.0, 25 reviews (Apollo, Bhat)

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. GI surgery में दो उच्च डिग्रियाँ, और GI व cancer surgery का 18 साल का अनुभव. इलाज से पहले अग्नाशय के हर cancer पर tumour board में चर्चा होती है, और ऑपरेशन Dr Harsh Shah स्वयं करते हैं.

संक्षेप में

अग्नाशय के cancer में हर मरीज़ का ऑपरेशन नहीं होता, और हर ऑपरेशन robot से नहीं होता. फ़ैसला दो बातों से होता है: गाँठ कहाँ है, और बड़ी नसों से कितनी दूर है.

अग्नाशय के सिर (head) की गाँठ के लिए Whipple ऑपरेशन होता है. बीच के हिस्से (body) या पूँछ (tail) की गाँठ में वह हिस्सा तिल्ली के साथ निकाला जाता है, जिसे distal pancreatectomy कहते हैं.

बड़ी नसों से दूर गाँठ robot के लिए ठीक रहती है. नस की मरम्मत, धमनी से चिपकी गाँठ या chemotherapy के बाद के सख़्त निशान हों, तो open ऑपरेशन ज़्यादा सुरक्षित है.

गाँठ की चार जगहें, चार ऑपरेशन

अग्नाशय के चार हिस्से हैं: सिर, गर्दन, बीच का हिस्सा और पूँछ. हर हिस्सा अलग नसों के पास है, इसलिए हर हिस्से का ऑपरेशन भी अलग है.

गाँठ कहाँ हैऑपरेशनक्या निकाला जाता हैRobot से हो सकता है?
सिर, उसका नीचे का मुड़ा हुआ हिस्सा, या पित्त नली के मुँह के पास.Whipple ऑपरेशन. आमाशय का निचला हिस्सा रखा भी जा सकता है और निकाला भी; cancer के लिए दोनों बराबर हैं.अग्नाशय का सिर, छोटी आंत का पहला हिस्सा (duodenum), पित्त नली का निचला हिस्सा, पित्ताशय और आसपास की lymph nodes.हाँ, अगर गाँठ बड़ी नसों से दूर हो.
बीच का हिस्सा या पूँछ.तिल्ली के साथ distal pancreatectomy.बीच का हिस्सा, पूँछ, तिल्ली और तिल्ली की नसों के साथ की lymph nodes.हाँ, अनुभवी centre में.
गर्दन, पूरी ग्रंथि, या कई जगह गाँठ.पूरा अग्नाशय निकालना (total pancreatectomy).पूरा अग्नाशय, duodenum और तिल्ली.ज़्यादातर open.
बीच के हिस्से की गाँठ जो आंत की मुख्य धमनी को छूती हो, चुने हुए मरीज़ों में.उस धमनी के साथ distal pancreatectomy.बीच का हिस्सा, पूँछ, तिल्ली और वह धमनी.Open, और tumour board के फ़ैसले के बाद ही.

आमाशय का निचला हिस्सा रखें या निकालें, cancer के नतीजे पर इसका असर नहीं पड़ता. Surgeon ऑपरेशन के दौरान तय करते हैं. पूरा अग्नाशय निकालने के बाद जीवन भर diabetes रहती है, जिसे क़ाबू में रखना कठिन होता है. हर भोजन के साथ enzyme की गोली भी लेनी पड़ती है. यह बात ऑपरेशन चुनने से पहले खुलकर समझाई जाती है.

आपके लिए कौन-सा पन्ना?

नीचे की तालिका में अपनी गाँठ की जगह और उसका प्रकार ढूँढिए. फिर उस ऑपरेशन का अलग पन्ना खोलिए, जहाँ वह ऑपरेशन विस्तार से समझाया गया है.

आपकी स्थितिआमतौर पर क्या होता हैआगे पढ़ें
सिर की गाँठ, बड़ी नसों से दूर.पहले robotic Whipple, ठीक होने के बाद chemotherapy.Robotic Whipple, कदम-दर-कदम
बीच के हिस्से या पूँछ की गाँठ, नसों से दूर.दाहिने से बाएँ की ओर होने वाला robotic distal pancreatectomy.Robotic distal pancreatectomy
मुख्य शिरा को छूती, या धमनी को हल्का छूती सिर की गाँठ.पहले chemotherapy, फिर नया CT, फिर robotic या open Whipple.Borderline गाँठ: robotic या open
मुख्य धमनी को लपेटे हुए गाँठ.कुछ महीने chemotherapy, फिर नया CT. कुछ गाँठें ऑपरेशन लायक़ बन जाती हैं.Chemo के बाद ऑपरेशन मुमकिन?
लिवर, पेट की झिल्ली या दूर की गाँठों में फैलाव.ऑपरेशन नहीं. शरीर की ताक़त देखकर chemotherapy.Consultation में चर्चा.

यह तालिका रास्ता दिखाती है, आख़िरी फ़ैसला नहीं करती. आपका प्रकार tumour board तय करता है. इसके लिए अग्नाशय का ख़ास CT चाहिए, जो पतली परतों में और दो चरणों में लिया जाता है. सामान्य CT इस फ़ैसले के लिए काफ़ी नहीं है.

पहले ऑपरेशन या पहले chemo?

इलाज शुरू होने से पहले हर मरीज़ पर tumour board में चर्चा होती है. Board गाँठ को चार में से एक समूह में रखता है, और वही समूह तय करता है कि पहले क्या होगा.

  1. निकाली जा सकने वाली गाँठ (resectable). गाँठ धमनियों को नहीं छूती, और मुख्य शिरा को बहुत कम छूती है. पहले ऑपरेशन, फिर ठीक होने के बाद chemotherapy.
  2. किनारे की गाँठ (borderline). गाँठ मुख्य शिरा को ज़्यादा छूती है, या धमनी को हल्का छूती है. पहले chemotherapy, फिर नया CT, फिर ऑपरेशन, कभी-कभी शिरा की मरम्मत के साथ.
  3. आसपास फैली गाँठ (locally advanced). गाँठ मुख्य धमनी को लपेटे हुए है. चार से छह महीने chemotherapy के बाद board फिर देखता है. कुछ गाँठें ऑपरेशन लायक़ बन जाती हैं.
  4. दूर फैली गाँठ. लिवर, पेट की झिल्ली या दूर की गाँठों में cancer मिलता है. ऑपरेशन से फ़ायदा नहीं होता. शरीर की ताक़त के हिसाब से chemotherapy दी जाती है.

Chemotherapy के बाद CT में गाँठ अक्सर वैसी ही दिखती है, भले अंदर से वह घटी हो. इसलिए board ख़ून का marker और मरीज़ की हालत भी देखता है. CT में वैसी ही दिखती गाँठ, घटता marker और अच्छी हालत हो, तो भी ऑपरेशन में जाँच की जा सकती है.

किसका ऑपरेशन robot से नहीं?

कुछ गाँठें निकाली तो जा सकती हैं, पर छोटे छेदों से सुरक्षित रूप से नहीं. ऐसे मरीज़ों के लिए शुरू से ही open ऑपरेशन तय होता है. यह सुरक्षा का फ़ैसला है.

स्थितिआम रास्ताकारण
Chemotherapy के बाद borderline गाँठ.सामान्य रास्ता open. चुने हुए मरीज़ों में ही robot.शिरा की मरम्मत करनी पड़ सकती है.
Chemotherapy के बाद locally advanced गाँठ.Open.धमनियों के चारों ओर निशान होते हैं; ख़ून हाथ से ज़्यादा भरोसे से रुकता है.
सिर की बहुत बड़ी गाँठ.ज़्यादातर open.सुरक्षित काम के लिए जगह कम.
मुख्य शिरा पर छोटा पैबंद.बहुत अनुभवी हाथों में ही robot, नहीं तो open.शिरा सिलने में हर टाँके पर क़ाबू चाहिए.
शिरा का लंबा टुकड़ा बदलना, या कोई धमनी निकालना.Open.यह मरम्मत हाथ से होती है.
लिवर की धमनी असामान्य जगह से निकलती हो.धमनी चमकाने वाली dye के साथ सावधानी से robot. नक़्शा साफ़ न हो तो open.उस धमनी को देखकर बचाना होता है.
बहुत ज़्यादा वज़न, या पेट के कई पुराने ऑपरेशन.मरीज़ के हिसाब से फ़ैसला; अक्सर open.काम की जगह और परतें कम साफ़.
गाँठ के आसपास लंबे समय की सूजन (chronic pancreatitis).Open.ऊतक सख़्त और निशान वाला.
पूरी ग्रंथि का ऑपरेशन, या आंत की मुख्य धमनी निकालना.Open.ये बड़े, ख़ास ऑपरेशन हैं.

इनमें से किसी भी वजह से ऑपरेशन अधूरा नहीं होता. वही ऊतक और वही lymph nodes निकाली जाती हैं; बस अंदर जाने का रास्ता बदलता है.

किसे ऑपरेशन से फ़ायदा नहीं?

ऑपरेशन तभी मदद करता है जब पूरा cancer निकाला जा सके. Cancer फैल गया हो, या शरीर बड़े ऑपरेशन के लिए कमज़ोर हो, तो दूसरा इलाज ज़्यादा काम आता है.

लिवर या पेट की झिल्ली में फैले cancer का इलाज chemotherapy से होता है, और दवा शरीर की ताक़त देखकर चुनी जाती है. इस cancer वाले हर मरीज़ को जीन की जाँच (germline test) की सलाह दी जाती है. कुछ वंशानुगत बदलाव तय करते हैं कि कौन-सी दवा बेहतर असर करेगी, और वे भाई-बहनों और बच्चों के लिए भी मायने रखते हैं.

Scan जितनी ही शरीर की ताक़त भी मायने रखती है. जो मरीज़ दिन का ज़्यादातर समय चलते-फिरते हैं, वे पूरा इलाज ले सकते हैं. जो दिन का ज़्यादातर समय बिस्तर पर रहते हैं, उनके लिए हल्की योजना बनती है. बहुत कमज़ोर मरीज़ के लिए आराम और लक्षणों की देखभाल पहले आती है, और यह देखभाल अंत में नहीं, शुरू से साथ चलती है.

इस cancer में पीठ का दर्द बहुत ज़्यादा हो सकता है. मुख्य धमनी के पास की नसों में injection (nerve block) से यह घट सकता है, और यह कई मरीज़ों को मिलना चाहिए.

कभी-कभी छोटे दाने scan में नहीं दिखते. इसलिए robotic ऑपरेशन अंदर की ध्यान से जाँच से शुरू होता है, और दाने मिलें तो ऑपरेशन वहीं रुक जाता है. बीच के हिस्से या पूँछ की गाँठ, बड़ी गाँठ या बहुत ऊँचे marker में इसकी संभावना ज़्यादा है; ऐसे मरीज़ों में यह जाँच पहले अलग से हो सकती है.

Robot ऑपरेशन में क्या बदलता है?

Robot से भी उतना ही ऊतक निकलता है जितना open ऑपरेशन में. फ़र्क़ surgeon के काम करने के तरीक़े में है: स्थिर 3D दृश्य, कलाई जैसे मुड़ने वाले औज़ार, और धमनी चमकाने वाली dye.

अग्नाशय शरीर की मुख्य शिरा और धमनियों के ऊपर बैठा है. ऑपरेशन का बड़ा हिस्सा इन्हीं नसों से सटकर बारीक काम है. Robot के औज़ार सिरे से कलाई की तरह मुड़ते हैं, इसलिए नस को खींचे बिना उसके चारों ओर काम हो सकता है.

तीन क़दमों में robot का ख़ास फ़ायदा है. पहला, duodenum को ख़ून देने वाली धमनी को बाँधने से पहले अलग करना. दूसरा, मुख्य शिरा के ऊपर अग्नाशय की गर्दन के नीचे सुरंग बनाना. तीसरा, सिर के नीचे के मुड़े हुए हिस्से को आंत की मुख्य धमनी से अलग करना, जो Whipple का सबसे कठिन हिस्सा है.

Whipple के बाद अग्नाशय और आंत का जोड़ बहुत अहम है. कलाई वाले औज़ारों से यह जोड़ लगभग open ऑपरेशन की तरह सिला जा सकता है. सीधे दूरबीन औज़ारों की जगह robot चुनने की यही मुख्य वजह है.

नस में दी गई dye robot के camera में चमकती है. कुछ सेकंड में वह धमनियाँ दिखाती है, असामान्य जगह से निकलती लिवर की धमनी भी. कुछ मिनट बाद वह पित्त नली दिखाती है. बीच के हिस्से या पूँछ की गाँठ में robot दाहिने से बाएँ काम करने में मदद करता है, ताकि तिल्ली निकालने का फ़ैसला होने से पहले किनारा जाँच लिया जाए.

कुछ बातें नहीं बदलतीं. कटा हुआ किनारा गाँठ से कम से कम एक मिलीमीटर दूर होना चाहिए. Lymph nodes का मानक समूह निकाला जाता है, ज़्यादा नहीं, क्योंकि ज़्यादा निकालने से फ़ायदा नहीं, नुक़सान बढ़ता है. किनारा पास हो तो ऑपरेशन के दौरान ही microscope से जाँचा जाता है.

लेटने का तरीक़ा, छेद और पहली नज़र

आप पीठ के बल लेटते हैं, सिर थोड़ा ऊँचा. पेट के ऊपरी हिस्से में robot के लिए चार छोटे छेद और सहायक के लिए एक छेद बनाए जाते हैं.

हाथ शरीर के बगल में रखे जाते हैं. Camera का छेद नाभि के ज़रा ऊपर होता है. Robot की एक भुजा पूरे ऑपरेशन में लिवर को ऊपर थामे रखती है.

पहली नज़र में लिवर और पेट की झिल्ली को छोटे दानों के लिए देखा जाता है. Cancer फैला हो तो ऑपरेशन रुक जाता है; नहीं तो तय ऑपरेशन आगे बढ़ता है.

निकाला गया ऊतक पेट के निचले हिस्से में छोटे चीरे से थैली में बाहर निकाला जाता है. जोड़ों के पास drain रखे जाते हैं. हर ऑपरेशन कदम-दर-कदम कैसे होता है, यह ऊपर की तालिका के पन्नों पर है.

Robotic, दूरबीन और open की तुलना

तीनों में वही ऊतक और वही lymph nodes निकलती हैं. फ़र्क़ चीरे में, दृश्य में, जोड़ सिलने में, ख़ून बहने में और ठीक होने की रफ़्तार में है.

OpenदूरबीनRobotic
चीरा.पेट पर लंबा चीरा.छोटे छेद और नीचे छोटा चीरा.छोटे छेद और नीचे छोटा चीरा.
दृश्य.सीधा.बड़ा, सपाट.बड़ा, 3D, स्थिर.
बड़ी नसों के पास काम.हाथ से.सीधे औज़ार, कोण सीमित.कलाई वाले औज़ार.
अग्नाशय का जोड़ सिलना.सामान्य.कठिन, धीमा.लगभग open जैसा.
ख़ून बहना.ज़्यादा.कम.कम.
Lymph nodes.बराबर.बराबर.बराबर.
Hospital में रुकना और काम पर लौटना.लंबा.छोटा.छोटा.
Open में बदलना पड़े.लागू नहीं.ज़्यादा बार.कम बार.
ख़र्च.कम.Open जैसा.ज़्यादा, robot के औज़ारों के कारण.

आपके अपने ऑपरेशन के लिए ख़ून, रुकने और तकलीफ़ों के आँकड़े consent की मुलाक़ात में बताए जाते हैं.

ऑपरेशन कब open में बदलता है?

ऑपरेशन के दौरान open में बदलना नाकामी नहीं, सुरक्षा का फ़ैसला है. Consent के समय इसकी बात होती है, और team इसके लिए तैयार रहती है.

  1. मुख्य शिरा या धमनी से ख़ून, जो तुरंत क़ाबू में न आए.
  2. साफ़ किनारे के लिए आंत की मुख्य धमनी के आसपास गहरा काम ज़रूरी हो.
  3. Scan में दिखे से ज़्यादा गाँठ शिरा से चिपकी हो.
  4. अग्नाशय की गर्दन के नीचे साफ़ परत न मिले.
  5. ऑपरेशन बहुत लंबा चले और आगे न बढ़े.
  6. नरम अग्नाशय और बहुत पतली नली, जहाँ जोड़ की सुरक्षा पर शक हो.
  7. आंत में चोट, जिसे धोकर ठीक करना पड़े.

ऑपरेशन से पहले की तैयारी

तैयारी पहली मुलाक़ात से शुरू होती है. Enzyme की गोली, पूरा खाना, रोज़ चलना और धूम्रपान बंद करना ऑपरेशन को ज़्यादा सुरक्षित बनाते हैं.

वज़न घटा हो, चिकना मल आता हो, या सिर की गाँठ ने अग्नाशय की नली दबाई हो, तो enzyme की गोली जल्दी शुरू की जाती है. तेज़ी से वज़न घट रहा हो या खाना कम हो गया हो, तो dietitian देखते हैं.

धूम्रपान और शराब कम से कम चार हफ़्ते पहले बंद करें. रोज़ चलने से ताक़त बढ़ती है. पीलिया में ख़ून पतला हो सकता है, इसलिए vitamin K दिया जाता है. Diabetes क़ाबू में लाई जाती है.

पीलिया हो तो हर बार पहले stent नहीं डाला जाता. लगभग दो हफ़्ते में ऑपरेशन होना हो और हालत ठीक हो, तो stent के बिना ऑपरेशन होता है. संक्रमण, बहुत खुजली, गुर्दों पर असर, लंबा इंतज़ार, या पहले chemotherapy हो, तो stent डाला जाता है.

इस cancer में ख़ून के थक्के का ख़तरा ज़्यादा है, इसलिए ऑपरेशन के बाद चार हफ़्ते ख़ून पतला करने वाले injection चलते हैं. तिल्ली निकालनी हो तो उसके टीके ऑपरेशन से पहले लगाए जाते हैं.

पहला हफ़्ता और drain की जाँच

ऑपरेशन के अगले दिन drain के पानी में अग्नाशय का रस है या नहीं, यह जाँचा जाता है. यही एक रिपोर्ट पहला हफ़्ता और drain निकलने का दिन तय करती है.

कबक्या होता है
ऑपरेशन का दिन.साँस की नली निकलती है. बिस्तर से उठकर कुर्सी पर बैठना. पानी जैसा तरल. आमाशय की नली ऑपरेशन के अंत में ही निकल जाती है. Drain का पानी जाँच के लिए जाता है.
अगला दिन.Drain जाँच की रिपोर्ट देखी जाती है. तरल और हल्का खाना. तीन बार चलना. पेशाब की नली निकलती है.
दूसरा दिन.नरम खाना. चार बार चलना. बोतलें कम. दर्द के लिए गोली.
तीसरा दिन.जाँच कम आई हो और पानी सामान्य दिखे तो drain निकलता है. पूरा नरम खाना.
उसके बाद के दिन.खाना बढ़ता है. शुरू में आमाशय धीरे ख़ाली हो सकता है; यह आम है, नाकामी नहीं.
घर जाना.Enzyme के साथ नरम खाना, बुख़ार नहीं, गोली से दर्द क़ाबू में, ख़ुद चलना, diabetes की लिखित योजना.

कुछ संकेतों पर उसी दिन क़दम उठाया जाता है: drain का पानी गहरा, ख़ून वाला या धुँधला हो; बुख़ार, तेज़ नब्ज़ या नया दर्द; और drain या नली से थोड़ा भी ख़ून, भले हालत ठीक लगे. थोड़ा ख़ून बड़े रक्तस्राव की चेतावनी हो सकता है, इसलिए इसे आपात स्थिति माना जाता है.

Enzyme, diabetes और तिल्ली

अग्नाशय के ऑपरेशन के बाद ज़्यादातर लोगों को हर भोजन के साथ enzyme की गोली चाहिए. कुछ को diabetes हो जाती है. तिल्ली न हो तो टीके और बुख़ार में जल्दी इलाज ज़रूरी है.

Enzyme की गोली खाते समय लेनी है, पहले या बाद में नहीं. नाश्ते के साथ आधी मात्रा. मल चिकना हो या वज़न घटे, तो पहले मात्रा जाँची जाती है, क्योंकि कम मात्रा हालत बिगड़ने की सबसे आम और आसानी से ठीक होने वाली वजह है.

Whipple के बाद diabetes नई हो सकती है या बढ़ सकती है. पूरा अग्नाशय निकालने के बाद यह तय है. हर मुलाक़ात पर sugar जाँची जाती है, और नई diabetes के लिए विशेषज्ञ के पास भेजा जाता है.

तिल्ली निकलने के बाद किसी भी बुख़ार में तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ. रोज़ की antibiotic गोली की सलाह दी जा सकती है. टीके समय पर लगवाएँ.

रिपोर्ट आने के बाद

ऊतक की रिपोर्ट दो हफ़्ते पर समझाई जाती है. फिर ज़्यादातर chemotherapy आती है, हो सके तो आठ से बारह हफ़्ते के भीतर. Follow-up दस साल तक हर तीन महीने चलता है.

रिपोर्ट में किनारे, lymph nodes और आख़िरी stage होते हैं. आप कितने ठीक हुए हैं, यह देखकर chemotherapy चुनी जाती है. इस centre में follow-up कई guidelines से लंबा और ज़्यादा बार चलता है; यह Dr Harsh Shah का फ़ैसला है.

कबक्या जाँचा जाता है
दो हफ़्ते पर.घाव, ऊतक की रिपोर्ट, chemotherapy के लिए भेजना, dietitian, enzyme की मात्रा, sugar.
दस साल तक हर तीन महीने.लक्षण, वज़न, CA 19-9 marker, ख़ून की जाँच, enzyme और sugar.
CT scan.दो साल तक हर तीन से छह महीने, फिर पाँच साल तक हर छह से बारह महीने.
परिवार.वंशानुगत बदलाव मिले तो रिश्तेदारों की जीन जाँच.

मरीज़ और परिवारों के अनुभव

★★★★★

“I had a truly positive experience with Dr. Harsh Shah. He is not only highly knowledgeable but also very compassionate and patient in explaining every detail. I underwent CRS HIPEC surgery under his care, and I couldn’t have asked for a better doctor. The entire process was smooth, and his expertise made a complex procedure feel manageable. Post-surgery recovery was well-monitored, and he was always available for any concerns. Highly recommend Dr. Harsh Shah for anyone needing advanced surgical oncology care.”

Akram Khan · Google review

★★★★★

“Excellent doctor for stomach cancer. We r very happy. Recommend for gastro cancer treatment in Ahmedabad”

Purshottam Meena · Google review

★★★★★

“Dr harsh operated my sister for liver cancer .we came for follow up .Now she is good. Thank u so much sir”

Natu Vadalia · Google review

Centre की Google listing पर जैसा लिखा है, वैसा ही: पेट के दूसरे cancer के लिए Dr Harsh Shah से इलाज करवाने वाले मरीज़ों की राय. इस listing पर अभी अग्नाशय का नाम लेने वाली कोई राय नहीं है. नीचे Dr Harsh Shah सिर, बीच के हिस्से और पूँछ की गाँठ का फ़र्क़ समझाते हैं (English).

अग्नाशय का cancer कहाँ से शुरू होता है, और सिर, बीच के हिस्से व पूँछ की गाँठ में क्या फ़र्क़ है, Dr Harsh Shah समझाते हैं (English).

पहली मुलाक़ात से follow-up तक

  1. Consultation बुक करें. अग्नाशय का CT disc और रिपोर्ट के साथ, biopsy और ख़ून की रिपोर्ट, और दवाओं की सूची लाएँ.
  2. Tumour board की योजना. आपका समूह तय होता है: पहले ऑपरेशन, पहले chemotherapy, या ऑपरेशन नहीं. रास्ता भी तय होता है.
  3. तैयारी. Enzyme, खाना, चलना, sugar पर क़ाबू, और ज़रूरत हो तभी stent.
  4. ऑपरेशन और भर्ती. Apollo Hospital, Bhat में, ऑपरेशन Dr Harsh Shah स्वयं करते हैं. खाना, चलना और दर्द स्थिर होने पर घर.
  5. Follow-up. दो हफ़्ते पर रिपोर्ट, chemotherapy, और हर तीन महीने मुलाक़ात.

ख़र्च, बीमा और भर्ती

Robot से अग्नाशय का ऑपरेशन open से महँगा है, robot के औज़ारों के कारण. लंबा रुकना या कोई तकलीफ़ भी कुल ख़र्च बदलती है.

ऑपरेशन तय होते ही office लिखित अनुमान देता है. आपकी policy माने तो Apollo Hospital, Bhat में cashless भर्ती की व्यवस्था होती है. Robot की मंज़ूरी के लिए एक-दो दिन रखें. Policy robot वाले ऑपरेशन को कवर करती है या नहीं, और कितनी सीमा तक, यह पूछ लें. Policy के काग़ज़, फ़ोटो वाला पहचान पत्र, scan की disc के साथ सारी रिपोर्ट और दवाओं की सूची लाएँ.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या हर गाँठ का ऑपरेशन robot से हो सकता है?

नहीं. बड़ी नसों से दूर गाँठ robot के लिए ठीक है. शिरा की मरम्मत, धमनी से चिपकी गाँठ, chemotherapy के बाद के निशान या पूरी ग्रंथि का ऑपरेशन हो तो ज़्यादातर open होता है.

क्या robot से cancer का ऑपरेशन छोटा हो जाता है?

नहीं. वही ऊतक, वही lymph nodes और किनारे के वही नियम लागू होते हैं. बस अंदर जाने का रास्ता और औज़ार अलग हैं.

कुछ मरीज़ों को पहले chemo क्यों?

गाँठ बड़ी नसों को छूती हो तो पहले chemotherapy से साफ़ किनारे की संभावना बढ़ती है. बड़े ऑपरेशन से पहले यह भी दिख जाता है कि कौन-सा cancer तेज़ी से फैल रहा है.

क्या ऑपरेशन के बाद enzyme की गोली लेनी होगी?

ज़्यादातर लोगों को हर भोजन के साथ लेनी होती है. अक्सर ऑपरेशन से पहले ही शुरू हो जाती है, और हर मुलाक़ात पर मात्रा जाँची जाती है.

पूँछ की गाँठ में तिल्ली क्यों निकलती है?

तिल्ली की नसों के साथ की lymph nodes cancer के इलाक़े का हिस्सा हैं. उनके साथ तिल्ली निकालना cancer का मानक ऑपरेशन है.

अब कौन-सा पन्ना पढ़ें?

ऊपर की तालिका में अपनी स्थिति वाली पंक्ति ढूँढें, और उस ऑपरेशन का पन्ना खोलें.

डॉ. हर्ष शाह कहाँ मिलते हैं?

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre, Gota, Ahmedabad

Consultation, scan और biopsy की रिपोर्ट देखना, second opinion और follow-up.

Google: 4.9 · 53 reviews

+91-63590-11009 · Gota clinic का रास्ता

Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar

भर्ती, robotic और open surgery, और hospital में देखभाल.

Google: 5.0 · 25 reviews

+91-63590-11009 · Apollo, Bhat का रास्ता

अग्नाशय के cancer के ऑपरेशन के लिए मरीज़ पूरे गुजरात, दक्षिण राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश से आते हैं.

अग्नाशय के CT की रिपोर्ट, biopsy और ख़ून की रिपोर्ट appointment से पहले भेज सकते हैं, ताकि consultation के समय वे पढ़ी हुई हों. कौन-सा ऑपरेशन, पहले chemotherapy या नहीं, और robot से या open, यह consultation में जाँच के बाद और tumour board में तय होता है. फ़ोन करें +91-63590-11009 WhatsApp पर लिखें

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