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Whipple का नाम सुनते ही परिवार दो बातों से डरता है — इतना बड़ा operation दूरबीन से कैसे होगा, और अंदर का जोड़ रिसने लगा तो क्या. यह पन्ना robot से होने वाले Whipple को कदम-दर-कदम खोलकर बताता है. Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad.
आख़िरी अपडेट: 8 अक्टूबर 2026

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Surgical gastroenterology में super-specialty training, इसी विषय में दो उच्च डिग्रियाँ, और GI और cancer surgery का 18 साल का अनुभव. अग्नाशय की हर गाँठ operation और उसका तरीका तय होने से पहले tumour board में रखी जाती है, और operation Dr Harsh Shah ख़ुद करते हैं.
Whipple में अग्नाशय का head, duodenum (छोटी आँत का पहला हिस्सा), पित्त की नली का निचला हिस्सा, पित्ताशय और आसपास की lymph nodes निकाली जाती हैं. फिर तीन जोड़ बनाए जाते हैं, ताकि अग्नाशय का रस, पित्त और खाना फिर आँत तक पहुँचें.
Robot से भी operation वही है — बस छोटे छेदों (ports) से होता है. गाँठ मुख्य नसों या धमनियों को न छूती हो तो robot सही है. बहुत बड़ी गाँठ, पहले के कठिन operation, या नस-धमनी का हिस्सा दोबारा बनाना पड़े तो open ज़्यादा सुरक्षित है.
पहले हफ़्ते की असली चिंता अग्नाशय का जोड़ है. Operation के अगले दिन drain के पानी की जाँच बताती है कि जोड़ बंद हो रहा है या नहीं — और वही नतीजा रिकवरी की रफ़्तार तय करता है, तरीका नहीं.
Pancreatic-protocol CT में अग्नाशय के head की गाँठ धमनियों या मुख्य नस को न छूती हो, और मरीज़ बड़े operation के लायक हो — तब robotic Whipple ठीक बैठता है. ये दोनों बातें tumour board पहले पक्की करता है, तभी तरीका तय होता है.
तीन तरह के मरीज़ों के लिए open operation बेहतर रहता है. पहला, head में गाँठ बहुत बड़ी हो तो ports से काम करने की जगह कम पड़ती है. दूसरा, नस का लंबा हिस्सा निकालकर फिर बनाना हो या धमनी का कोई हिस्सा निकालना हो, तो हाथ अंदर रखकर करना सुरक्षित है. तीसरा, बरसों की सूजन से सख़्त हुआ अग्नाशय या पहले के operation से चिपका पेट — इनमें robotic plan धीमा और जोखिम भरा हो सकता है. ज़्यादा वज़न या liver की धमनी का अलग जगह से निकलना अपने आप में रुकावट नहीं; इनमें plan ज़्यादा ध्यान से बनता है, और दूसरी स्थिति में robot का fluorescence camera मदद करता है.
गाँठ कैसे पकड़ी जाती है और किस जाँच से पक्की होती है, यह robotic pancreatic cancer surgery के पन्ने पर है. गाँठ नस को ज़्यादा छूती हो तो borderline गाँठ वाला पन्ना, और धमनियों से लिपटी हो तो locally advanced वाला पन्ना देखें. यह पन्ना सिर्फ़ उस मरीज़ के लिए है जिसकी गाँठ अभी निकाली जा सकती है.
साफ़ तौर पर निकाली जा सकने वाली गाँठ में operation से पहले chemotherapy दी जाए या नहीं, इस पर अभी शोध चल रहा है. यहाँ फ़िट मरीज़ के लिए आम क्रम पहले operation और बाद में chemotherapy का है, और यह सवाल आदत से नहीं, tumour board में तय होता है.
कितना निकालना है, वह नहीं बदलता. बदलता है कठिन हिस्सों तक पहुँचने का तरीका: अग्नाशय के पीछे की नसों-धमनियों का स्थिर, बड़ा दृश्य; अग्नाशय के नाज़ुक जोड़ के लिए कलाई की तरह मुड़ने वाले औज़ार; धमनी और पित्त की नली को चमकाने वाला fluorescence; और आसानी से खून देने वाली छोटी नसों पर बारीक काबू.
Open operation में surgeon के हाथ अग्नाशय के head को उठाते और घुमाते हैं. Ports से करते समय robot की एक भुजा duodenum को पकड़कर head को लंबे समय तक स्थिर घुमाए रखती है, ताकि मुख्य धमनी के किनारे का काम छोटे, नियंत्रित कदमों में हो सके. दृश्य त्रि-आयामी और बड़ा होता है — इसका असली फ़ायदा uncinate process पर मिलता है, यानी अग्नाशय का वह हुक जैसा हिस्सा जो नसों के पीछे मुड़ा रहता है.
सीधे laparoscopic औज़ारों से अग्नाशय का जोड़ कठिन होता है, क्योंकि सुई ऐसे कोणों से डालनी पड़ती है जो सीधा औज़ार नहीं ले पाता. Robot के औज़ार कलाई की तरह मुड़ते हैं, इसलिए open operation की तरह टाँका-दर-टाँका सिलाई हो पाती है. इसी कारण यहाँ छोटे छेदों वाला Whipple laparoscopic नहीं, robotic तरीके से होता है.
नस में दी गई एक दवा robot के camera में चमकती है. यह धमनियों को जल्दी दिखाती है — liver की धमनी अलग जगह से निकलती हो तो बहुत काम की — और हर जोड़ से पहले पित्त की नली और आँत की ख़ून की सप्लाई भी दिखा सकती है. Robot के औज़ारों में छूने का एहसास नहीं होता, इसलिए गाँठ का किनारा आँख और scan से परखा जाता है, और किनारा पास हो तो frozen section भेजा जाता है.
मरीज़ पीठ के बल लेटता है, सिर थोड़ा ऊँचा और हाथ बगल में. नाभि के ठीक ऊपर camera का port, ऊपरी पेट में robot के ports, एक भुजा पूरे operation में liver को ऊपर थामे रखती है, और सहायक के लिए एक port जिससे stapler और suction जाते हैं.
Robot जोड़ने से पहले गद्दी, गरमाहट और स्थिति पूरी तरह तैयार कर ली जाती है, क्योंकि भुजाएँ जुड़ने के बाद table को आसानी से हिलाया नहीं जा सकता. पेट में गैस का दबाव मध्यम रखा जाता है.
Robot जुड़ने के बाद पहला काम अग्नाशय नहीं होता. Camera पूरे पेट की झिल्ली और liver की सतह देखता है — ऐसे छोटे दाने ढूँढने के लिए जो scan में छूट जाते हैं. ऐसा कुछ मिले तो गाँठ नहीं निकाली जाती, क्योंकि बीमारी फैली हो तो Whipple के सारे जोखिम रहते हैं और फ़ायदा कुछ नहीं. यह संभावना consent के समय ही बता दी जाती है.
निकालने का काम तय क्रम में चलता है, और हर कदम अगले का रास्ता बनाता है: duodenum को छुड़ाना, ऊपर की धमनी और पित्त की नली काटना, अग्नाशय की गर्दन के पीछे सुरंग, आमाशय का सिरा और आँत काटना, अग्नाशय को आड़ा काटना, और आख़िर में uncinate को मुख्य धमनी से अलग करना.
तीन जोड़ बहाव फिर चालू करते हैं: कटा हुआ अग्नाशय आँत के एक घेरे से (या आमाशय की पिछली दीवार से), पित्त की नली उसी घेरे से, और आमाशय का सिरा थोड़ा आगे आँत से. इनमें असली महत्व अग्नाशय के जोड़ का है — और robot की असली मदद भी वहीं है.
अग्नाशय का जोड़. अग्नाशय की नली को आँत की अंदरूनी परत से बारीक टाँकों से जोड़ा जाता है, और बाहरी परत से अग्नाशय आँत से सटा रहता है. आमाशय से जोड़ना भी मान्य तरीका है; surgeon वही तरीका अपनाते हैं जो वे भरोसे से करते हैं, और operation note में लिखा जाता है.
पित्त की नली का जोड़. पित्त की नली को थोड़ा आगे आँत से जोड़ा जाता है, ताकि पित्त खुलकर बहे और पीलिया उतरे.
आमाशय का जोड़. आमाशय का सिरा आँत से और आगे जोड़ा जाता है, ताकि खाना आमाशय से निकलकर रास्ते में अग्नाशय के रस और पित्त से मिले.
जोड़ बनाने से पहले fluorescence से देखा जा सकता है कि आँत के सिरों में ख़ून ठीक पहुँच रहा है या नहीं. अग्नाशय के जोड़ के पास drain रखे जाते हैं और port की जगह से बाहर निकाले जाते हैं. पोषण कम हो या आमाशय के देर से ख़ाली होने की आशंका हो तो आँत में पतली खाने की नली रखी जाती है, ताकि मुँह से खाना धीमा चले तब भी पोषण जल्दी शुरू हो सके.
शुरुआती दिनों में अग्नाशय के जोड़ से रस रिस सकता है. Operation की अगली सुबह drain के पानी में अग्नाशय के enzyme की जाँच होती है. नतीजा कम हो तो जोड़ बंद हो रहा है, और आम तौर पर तीसरे दिन के आसपास drain निकल जाते हैं; ज़्यादा हो तो drain रहता है और हफ़्ते का plan बदलता है.
रिसाव की आशंका नरम अग्नाशय, पतली नली और भारी शरीर में ज़्यादा होती है — और हैरानी की बात, जब गाँठ अग्नाशय की नहीं बल्कि duodenum या ampulla की निकले तब भी. यह सब operation ख़त्म होने तक पता चल जाता है, और उसी शाम परिवार को बताया जाता है.
रिसाव को ज़्यादातर बिना दोबारा operation के सँभाल लिया जाता है: drain रहता है, खाना नली से या मुँह से जितना जाए चलता रहता है, antibiotics और अग्नाशय का रस कम करने वाली दवा दी जाती है, और CT से देखा जाता है कि कहीं ऐसा पानी तो नहीं भरा जहाँ drain न पहुँचे. भरा पानी अक्सर scan की मदद से पतली नली डालकर निकाला जा सकता है.
एक चेतावनी को मरीज़ ठीक दिखे तब भी आपात स्थिति माना जाता है: operation के बाद के दिनों में drain, आमाशय की नली या घाव से थोड़ा भी ख़ून. यह रिसते रस से कमज़ोर हुई धमनी से बड़े रक्तस्राव का पहला संकेत हो सकता है, इसलिए उसी दिन तुरंत CT angiography होती है — रात भर इंतज़ार नहीं किया जाता.
आमाशय का देर से ख़ाली होना हफ़्ता धीमा होने का दूसरा आम कारण है. कुछ दिन आमाशय की नली वापस लगानी पड़ सकती है. समय और पोषण से यह आम तौर पर सुधर जाता है, और इसके लिए दोबारा operation नहीं किया जाता.
मुख्य नस या धमनी का ख़ून तुरंत काबू में न आए, गाँठ scan से ज़्यादा चिपकी निकले, अग्नाशय की गर्दन के पीछे साफ़ रास्ता न मिले, या ports से सुरक्षित अग्नाशय का जोड़ न बन सके — तब operation open में बदला जाता है. इसकी consent पहले से ली जाती है, और फ़ैसला जल्दी लिया जाता है.
Open में बदलना मरीज़ के हित का फ़ैसला है, कोई परेशानी नहीं. बड़ा चीरा भर जाता है; अधूरी निकली गाँठ या अनिश्चित जोड़ नहीं भरते. गाँठ नस के ऐसे हिस्से से चिपकी निकले जिसे निकालकर फिर बनाना पड़े, तो वह काम open होता है — robotic बनाए रखने के लिए नस पर से गाँठ छीली नहीं जाती.
तीनों में वही अंग और lymph nodes का वही तय हिस्सा निकलता है, और अनुभवी टीम में cancer का नतीजा बराबर रहता है. फ़र्क़ चीरे में, अग्नाशय का जोड़ कैसे सिला जाता है उसमें, ख़ून जाने में और पहले हफ़्तों की रफ़्तार में है.
| Open | दूरबीन (laparoscopic) | Robotic | |
|---|---|---|---|
| चीरा | ऊपरी पेट में लंबा चीरा | Ports और निकाला हिस्सा बाहर लाने को छोटा निचला चीरा | Ports और निकाला हिस्सा बाहर लाने को छोटा निचला चीरा |
| अग्नाशय का जोड़ | हाथ से | सीधे औज़ारों से — बहुत कठिन कदम | कलाई जैसे औज़ारों से, open जैसी तकनीक |
| नसों-धमनियों का दृश्य | सीधा, हाथ और आँख से | बड़ा, सपाट | बड़ा, त्रि-आयामी, fluorescence के साथ |
| ख़ून जाना | ज़्यादा | कम | कम |
| Lymph nodes | तय हिस्सा | तय हिस्सा | तय हिस्सा |
| Theatre में समय | कम | ज़्यादा | ज़्यादा |
| Hospital में रुकना और काम पर लौटना | लंबा | कम | कम |
| ख़र्च | कम | Open के बराबर | ज़्यादा, robotic औज़ारों के कारण |
| किसके लिए | बड़ी गाँठ, नस-धमनी दोबारा बनाना, सख़्त अग्नाशय, advanced गाँठ में chemo के बाद | चुनी हुई, निकाली जा सकने वाली गाँठ | नस-धमनी को न छूने वाली, निकाली जा सकने वाली गाँठ |
आमाशय का देर से ख़ाली होना, रिसाव, और लंबे समय तक enzyme capsule की ज़रूरत — ये अग्नाशय और operation पर निर्भर हैं, तरीके पर नहीं. Whipple किसी भी तरह हो, यह बात एक जैसी समझाई जाती है.
रिकवरी enhanced-recovery plan से चलती है: operation के दिन ही कुर्सी पर बैठना, शाम को घूँट, अगले दिन से चलना और हल्का खाना, drain test कम हो तो तीसरे दिन के आसपास drain बाहर, और खाना-चलना स्थिर होने पर आम तौर पर लगभग एक हफ़्ते में घर.
| कब | क्या होता है |
|---|---|
| Operation का दिन | साँस की नली theatre में ही निकलती है; कुर्सी पर बैठना; आमाशय की नली operation के अंत में निकाल दी जाती है; साफ़ तरल के घूँट; drain का पानी जाँच में जाता है |
| Operation के बाद पहला दिन | Drain test देखा जाता है — यही हफ़्ता तय करता है; तीन बार चलना; पेशाब की नली बाहर; जितना जाए हल्का खाना, या नली लगी हो तो उससे |
| दूसरा दिन | नरम खाना; ज़्यादा चलना; drip कम; दर्द की दवा मुँह से |
| तीसरा दिन | Drain test कम था और पानी साफ़ है तो drain बाहर |
| छुट्टी तक | खाना धीरे-धीरे बढ़ता है; आमाशय देर से ख़ाली हो तो धीरज से इलाज |
| घर | Enzyme capsule के साथ नरम खाना खा पाएँ, बुख़ार न हो, ख़ुद चल सकें, और sugar स्थिर हो तब |
Enzyme capsule हर खाने के साथ लेनी है — खाना खाते समय ही, पहले या बाद में नहीं — क्योंकि बचा हुआ अग्नाशय पाचन का रस कम बनाता है. कुछ मरीज़ों को diabetes नया हो जाता है या पहले वाला काबू में रखना कठिन होता है, इसलिए sugar का लिखा हुआ plan साथ घर जाता है. ख़ून पतला करने के injection operation के बाद चार हफ़्ते तक चलते हैं, क्योंकि इस cancer में थक्का (clot) बनने का जोखिम ज़्यादा है.
काम पर कब लौटें, यह काम के प्रकार और बाद में chemotherapy है या नहीं, इस पर निर्भर है. बैठकर करने वाला काम खाना नियमित होने और ताक़त लौटने पर शुरू हो जाता है; भारी वज़न उठाना घाव पूरा भरने के बाद. पहले follow-up में टीम आपके साथ यह plan करती है.
Histology की report operation के लगभग दो हफ़्ते बाद समझाई जाती है. इसमें stage, कितनी nodes में बीमारी है, और हर किनारा अलग लिखा होता है. ज़्यादातर मरीज़ों को बाद में chemotherapy की सलाह दी जाती है, जो आठ से बारह हफ़्तों में शुरू होनी चाहिए.
किनारे एक-एक करके लिखे जाते हैं — धमनी की ओर, पीछे की ओर, नस की खाँच, अग्नाशय का कटा सिरा और पित्त की नली — क्योंकि हर एक अलग बात बताता है. Chemotherapy का plan इस पर निर्भर है कि रिकवरी कैसी रही: ताक़तवर मरीज़ के लिए पूरा combination, और वज़न वापस पा रहे मरीज़ के लिए हल्का विकल्प.
Follow-up कई साल तक हर तीन महीने होता है — हर मुलाक़ात में CA 19-9, ख़ून की जाँच, वज़न और enzyme की dose देखी जाती है, और तय समय-सारणी से CT. Pancreatic cancer के हर मरीज़ को genetic test की सलाह दी जाती है, क्योंकि positive नतीजा इलाज बदल सकता है और परिवार के लिए भी मायने रखता है.
गाँठ पूरी निकलने के बाद भी यह cancer लौट सकता है — टीम यह बात नरमी से पर साफ़ कहती है. Operation लंबे समय तक काबू को संभव बनाता है; follow-up और chemotherapy उसे बचाए रखते हैं.
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“I had a truly positive experience with Dr. Harsh Shah. He is not only highly knowledgeable but also very compassionate and patient in explaining every detail. I underwent CRS HIPEC surgery under his care, and I couldn’t have asked for a better doctor. The entire process was smooth, and his expertise made a complex procedure feel manageable. Post-surgery recovery was well-monitored, and he was always available for any concerns. Highly recommend Dr. Harsh Shah for anyone needing advanced surgical oncology care.”
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“Dr harsh operated my sister for liver cancer .we came for follow up .Now she is good. Thank u so much sir”
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“From the very first moment we met Dr. Harsh Shah sir, we felt an incredible sense of comfort and trust. He listened to us with so much patience and attention, making us feel truly valued and respected. He never rushed through anything and explained every detail thoroughly, which gave us full confidence and peace of mind. What we appreciated the most was his calm nature, his genuine smile, and the way he balanced professionalism with kindness. He combined such profound knowledge and exceptional surgical skills with humility and simplicity, which is rare to find. During one of the most challenging times of our family, he made us feel safe and cared for. His sincerity, empathy, and dedication touched our heart deeply. We are truly grateful to Dr. Harsh Shah sir for his care, guidance, and the hope he gave to my brother. Doctors like him don’t just treat patients—they heal hearts. Thank you, doctor, for being more than a surgeon; thank you for being a source of strength and humanity for us and my family.”
Centre की दो Google listings पर अभी अग्नाशय का नाम लेने वाला कोई review नहीं है. नीचे Dr Harsh Shah से दूसरे cancer का इलाज करवाने वाले तीन मरीज़ों और परिवारों के शब्द, जैसे लिखे गए वैसे ही.
Akram Khan · Google review
Natu Vadalia · Google review
Shaukat Vakaliya · Google review
Dr Harsh Shah का video देखें: पैंक्रियाज कैंसर का इलाज कैसे होता है (YouTube, हिंदी).
Robotic Whipple का ख़र्च open से ज़्यादा है, robotic औज़ारों के कारण. रिसाव या आमाशय के देर से ख़ाली होने से लंबा रुकना, खाने की नली, या नस की मरम्मत — ये सब कुल ख़र्च बदलते हैं. तरीका तय होने के बाद office लिखित अनुमान देता है.
आपकी policy अनुमति दे तो Apollo Hospital, Bhat में cashless भर्ती की व्यवस्था होती है, और pre-authorisation के कागज़ office तैयार करता है. पूछ लें कि policy robotic surgery को कितनी सीमा तक कवर करती है, और operation के बाद की enzyme capsule और chemotherapy को कवर करती है या नहीं. Policy के कागज़, फ़ोटो पहचान-पत्र, disc के साथ सारी reports और अभी की दवाओं की सूची साथ लाएँ.
हाँ — गाँठ निकाली जा सकने वाली हो, मुख्य नस-धमनी साफ़ हों और मरीज़ फ़िट हो तब. बड़ी गाँठ, नस-धमनी दोबारा बनाना या सख़्त अग्नाशय हो तो आम तौर पर open होता है.
नहीं. वही अंग और वही lymph nodes निकलती हैं, और वही तीन जोड़ बनते हैं. सिर्फ़ चीरा और कठिन कदमों तक पहुँचने का तरीका बदलता है.
ज़्यादातर drain लगा रहता है, पोषण चलता रहता है, और antibiotics व रस कम करने वाली दवा दी जाती है. पानी भरा हो तो scan की मदद से पतली नली से निकाला जाता है. दोबारा operation की ज़रूरत कम ही पड़ती है.
अग्नाशय के जोड़ के पास वाले drain के पानी में enzyme मापा जाता है. कम आए तो जोड़ बंद हो रहा है, और आम तौर पर तीसरे दिन के आसपास drain निकल जाते हैं.
बहुत से मरीज़ों को लेनी पड़ती है. हर खाने के साथ ली जाती है, और हर follow-up में वज़न के साथ dose देखी जाती है.
ख़ून तुरंत काबू में न आए, गाँठ उम्मीद से ज़्यादा चिपकी हो, अग्नाशय के पीछे साफ़ रास्ता न मिले, या सुरक्षित जोड़ पर शक हो तब. इसकी तैयारी पहले से होती है और यह सुरक्षित फ़ैसला है.
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — Gota, Ahmedabad
Consultation, scan और biopsy की reports देखना, second opinion, follow-up.
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Apollo Hospital — Bhat, Gandhinagar
भर्ती, robotic और open surgery, और hospital में देखभाल.
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अग्नाशय के operation के लिए पूरे गुजरात, दक्षिण राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश से मरीज़ आते हैं.
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Pancreatic-protocol CT की report, CA 19-9 का नतीजा और endoscopy या stent के कागज़ हों तो appointment से पहले भेज सकते हैं, ताकि मुलाक़ात शुरू होते समय वे पढ़े जा चुके हों. Whipple robot से होगा या open — यह मुलाक़ात में जाँच के बाद और tumour board में तय होता है. Call करें +91-63590-11009 WhatsApp पर लिखें
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