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छाती खोले बिना होने वाला ऑपरेशन

आख़िरी बदलाव: 19 अक्तूबर 2026

Dr Harsh Shah, robotic GI cancer surgeon, Ahmedabad

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Robotic Cancer Surgeon (GI)
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad · 18 साल का अनुभव
★★★★★ Google: 4.9, 53 reviews (Gota clinic) · 5.0, 25 reviews (Apollo, Bhat)

संक्षेप में

इस ऑपरेशन में भोजन नली दो चीरों से निकाली जाती है: एक पेट के ऊपरी हिस्से पर और एक बाईं गर्दन पर. छाती खोली नहीं जाती.

रास्ता मरीज़ को देखकर चुना जाता है, गाँठ को देखकर नहीं. फेफड़ों की ताकत कम होना इसकी आम वजह है. गाँठ भोजन नली के निचले हिस्से में होनी चाहिए.

इस रास्ते में छाती की लसीका गाँठें ठीक से साफ़ नहीं होतीं. नेदरलैंड के अध्ययन में जीवित रहने का नतीजा छाती के ऑपरेशन जैसा ही रहा, और फेफड़ों की दिक्कतें कम हुईं.

staging से ऑपरेशन का रास्ता चुनने तक की पूरी जानकारी भोजन नली के कैंसर का robotic ऑपरेशन, अहमदाबाद (English) वाले पेज पर है।

यह रास्ता क्या है

Cancer के ऑपरेशन में भोजन नली का बीमार हिस्सा और उसके आसपास की लसीका गाँठें निकाली जाती हैं. ज़्यादातर रास्तों में छाती का हिस्सा पसलियों के बीच के चीरे से मिलता है. इस रास्ते में ऐसा नहीं है.

सर्जन पर्दे (diaphragm) के कुदरती छेद से काम करते हैं. उसी में हाथ ऊपर ले जाकर छाती का हिस्सा छूकर छुड़ाया जाता है. बाईं गर्दन का चीरा ऊपर का हिस्सा छुड़ाता है. दोनों हाथ छाती की हड्डी के पीछे मिलते हैं.

दो चीरे और उनसे क्या होता है
चीराउससे क्या होता है
पेट का ऊपरी हिस्सापेट से नली बनाई जाती है. पेट की लसीका गाँठें निकलती हैं. पर्दे का छेद चौड़ा किया जाता है.
बाईं गर्दनभोजन नली का ऊपरी सिरा छूटता है, और जोड़ यहीं बनता है.
छाती में चीरा नहींछाती का हिस्सा नीचे से और गर्दन से, छूकर छुड़ाया जाता है.

किसके लिए सही है

पहले मरीज़ देखा जाता है. सीमा आम तौर पर फेफड़ों की होती है, गाँठ की नहीं. पुरानी और भारी साँस की बीमारी, फेफड़ों की जाँच में लगभग 1.5 लीटर या उससे कम, दाईं छाती में पहले हुआ ऑपरेशन या सिकाई, 80 से ऊपर उम्र के साथ घटी ताकत, और सिकाई के बाद की मोटी चिपकन — ये आम वजहें हैं.

इसके बाद गाँठ भी बैठनी चाहिए. वह भोजन नली के निचले तीसरे हिस्से में, या पेट के जोड़ पर भोजन नली की तरफ़ होनी चाहिए. शुरुआती गाँठें इस रास्ते में ज़्यादा बैठती हैं, क्योंकि तब लसीका गाँठें कम शामिल होती हैं.

बीच की या ऊपर की भोजन नली की गाँठ में यह रास्ता नहीं लिया जाता. वह हिस्सा श्वास नली से सटा होता है और छूकर सुरक्षित रूप से नहीं छूटता. गाँठ दिल के आवरण, फेफड़े के आवरण या पर्दे में घुस गई हो, या श्वास नली के पास बड़ी गाँठें हों, तब भी यह रास्ता छोड़ दिया जाता है.

भोजन नली के cancer के तीन रास्ते
रास्ताजोड़ कहाँकब चुना जाता है
Transhiatal, पेट और गर्दनबाईं गर्दन में.फेफड़े छाती का ऑपरेशन न झेलें और गाँठ नीचे हो. छाती की गाँठें साफ़ नहीं होतीं.
पेट और दाईं छाती, Ivor Lewisछाती के अंदर.निचली या जोड़ की गाँठ और फेफड़े ठीक हों. छाती की गाँठें भी निकलती हैं.
तीन चीरे और गर्दन का जोड़, McKeownबाईं गर्दन में.छाती में ऊपर की गाँठ. पेट, छाती और गर्दन की गाँठें निकलती हैं.

फेफड़े साथ दें तो छाती का रास्ता ज़्यादा सही है. सुविधा नहीं, बल्कि फेफड़ों की कम ताकत इस रास्ते को सही जवाब बनाती है.

नेदरलैंड के एक अध्ययन में इस रास्ते की तुलना छाती के बड़े ऑपरेशन से की गई. इस रास्ते में फेफड़ों की दिक्कतें कम रहीं, और जीवित रहने का नतीजा बराबर रहा.

नई भोजन नली और जोड़

पेट ही नई भोजन नली बनता है. उसे खून देने वाली नलियाँ बहुत सँभालनी पड़ती हैं, क्योंकि जोड़ उन्हीं पर टिकता है.

  1. पेट की निचली किनार पर चलने वाली नली उसकी जान है. उसे पूरी लंबाई में बचाया जाता है.
  2. ऊपरी किनार की मुख्य धमनी उसकी जड़ पर बाँधी जाती है, और उसके आसपास की लसीका गाँठें निकलती हैं.
  3. Stapler से पेट की पतली नली बनाई जाती है. पेट का ऊपरी सिरा भोजन नली के साथ बाहर जाता है.
  4. छोटी आँत का पहला हिस्सा पूरा छुड़ाया जाता है, जिससे नली खिंचाव के बिना गर्दन तक पहुँचे. फिर भी छोटी पड़े तो बड़ी आँत का टुकड़ा काम आता है.
  5. यह नली दिल के पीछे से, उसी जगह से ऊपर लाई जाती है जहाँ भोजन नली थी.
  6. उसी ऑपरेशन में छोटी आँत में खाना देने की बारीक नली रखी जाती है.

आवाज़ की पेटी तक जाने वाली तंत्रिका श्वास नली के किनारे की खाँच में चलती है. बाईं तरफ़ वह भोजन नली से सटी होती है, इसलिए उसे ढूँढकर बचाया जाता है. वह दब जाए तो आवाज़ भारी हो जाती है और कुछ हफ़्ते निगलने में सँभालना पड़ता है. ज़्यादातर आवाज़ लौट आती है.

जोड़ आम तौर पर stapler से, किनारे-से-किनारे मिलाकर बनाया जाता है; इससे रिसाव और बाद में सिकुड़न की आशंका घटती है. गर्दन में नरम drain रखा जाता है और छाती की नली आम तौर पर नहीं लगती. छाती का आवरण अनजाने में खुल जाए तो थिएटर में ही छाती की नली रख दी जाती है.

robot यहाँ क्या जोड़ता है

यह साफ़ कहना चाहिए. Transhiatal ऑपरेशन खुले ऑपरेशन के रूप में बताया गया था, और आज भी ज़्यादातर वैसे ही होता है. पेट का हिस्सा दूरबीन या robot से हो सकता है, और कुछ केंद्रों में पूरा ऑपरेशन robot से होता है. दोनों अभी नियमित तरीक़ा नहीं हैं.

वजह रास्ते में ही है. यहाँ छाती का हिस्सा कैमरे के नीचे नहीं, छूकर छूटता है. इसलिए छाती के अंदर काम करने वाले रास्तों की तुलना में यहाँ robot से कम फ़र्क़ पड़ता है.

Robot यहाँ क्या जोड़ता है और क्या नहीं
ऑपरेशन का हिस्साRobot क्या जोड़ता है
पेट छुड़ाना और पेट की लसीका गाँठें साफ़ करना.स्थिर, बड़ा दिखने वाला दृश्य और कलाई की तरह मुड़ने वाले औज़ार. जिन केंद्रों में सुविधा है, वहाँ robot से होता है.
छाती का हिस्सा, गर्दन का चीरा और जोड़.थोड़ा या कुछ नहीं. तीनों हाथ से, छूकर होते हैं.
बाक़ी दो रास्तों में छाती का काम.बहुत. Robot की असली जगह वहीं है.

दूरबीन और robotic छाती के ऑपरेशनों ने फेफड़ों की दिक्कतें काफ़ी घटा दी हैं, इसलिए छाती न खोलने का पुराना फ़ायदा सिकुड़ गया है. जहाँ छाती बिलकुल नहीं खोली जा सकती, वहाँ यह रास्ता आज भी टिका है.

छूकर भोजन नली सुरक्षित रूप से न छूटे तो छाती खोलकर ऑपरेशन आगे बढ़ाया जाता है. यह पहले से तय सुरक्षा का क़दम है, नाकामी नहीं.

बाद के दिन और दिक्कतें

छाती का हिस्सा हाथ से छुड़ाते समय दिल पर दबाव आता है, इसलिए उस समय खून का दबाव गिर सकता है. Anaesthesia की टीम को वह हिस्सा शुरू होने से पहले बता दिया जाता है. इसके बाद पहले दिन बैठना और चलना शुरू होता है, और छाती की कसरत तुरंत शुरू होती है. नली से खाना जल्दी शुरू हो जाता है. गर्दन का drain कुछ दिनों में निकलता है, और टीम संतुष्ट होने पर पानी के घूँट शुरू होते हैं. ज़्यादातर लोग लगभग दो हफ़्ते में घर जाते हैं, थोड़ा-थोड़ा बार-बार खाने की आदत के साथ.

आपके अपने आँकड़े सहमति की बातचीत में समझाए जाते हैं.

  1. छाती का infection, या फेफड़े का कुछ हिस्सा बैठ जाना. भोजन नली के किसी भी ऑपरेशन के बाद यह दिक्कत ज़्यादा दिखती है.
  2. गर्दन के जोड़ से रिसाव. आम तौर पर पहले एक-दो हफ़्ते में गर्दन के घाव से तरल दिखता है. बिस्तर के पास ही घाव खोलकर वह शांत हो जाता है.
  3. श्वास नली के किनारे की तंत्रिका के कारण आवाज़ भारी होना.
  4. छाती की जगह में हवा या तरल भरना, जिसमें छाती की नली रखनी पड़े.
  5. लसीका की नली चोटिल हो तो छाती में दूध जैसा तरल. खाने में बदलाव और आराम से यह ज़्यादातर शांत होता है.
  6. छाती में खून बहना. कभी-कभी इसके लिए छाती खोलनी पड़ती है.
  7. जोड़ सिकुड़ना. दूरबीन से उसे चौड़ा किया जाता है, कभी एक बार से ज़्यादा.
  8. पेट धीरे खाली होना, थोड़ा खाने पर भरा लगना. पैरों या फेफड़ों में खून के थक्के भी हो सकते हैं.

सर्जन से क्या पूछें

  1. मेरी गाँठ भोजन नली में ठीक कहाँ है?
  2. मेरे फेफड़े छाती का ऑपरेशन झेलेंगे या नहीं?
  3. छाती न खोलने से लसीका गाँठें साफ़ करने में क्या छोड़ना पड़ता है?
  4. मेरे ऑपरेशन का कौन-सा हिस्सा robot से होगा, और नीचे से भोजन नली न छूटे तो क्या किया जाएगा?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फेफड़े कमज़ोर हों तो छाती क्यों नहीं खोलते?

छाती के ऑपरेशन में एक फेफड़े को कुछ समय बंद रखना पड़ता है. फेफड़े पहले से कमज़ोर हों तो यह सहा नहीं जाता. इस रास्ते में छाती खोलनी नहीं पड़ती.

इस रास्ते में लसीका गाँठें कम निकलती हैं?

हाँ. नीचे की भोजन नली और पेट की गाँठें निकलती हैं, पर छाती की गाँठें ठीक से साफ़ नहीं होतीं. नेदरलैंड के एक अध्ययन में जीवित रहने का नतीजा बराबर रहा और फेफड़ों की दिक्कतें कम हुईं.

Transhiatal ऑपरेशन robot से होता है?

ज़्यादातर यह खुला ऑपरेशन है. पेट का हिस्सा robot या दूरबीन से हो सकता है. छाती का हिस्सा हाथ की उँगलियों से, छूकर छुड़ाया जाता है, इसलिए वहाँ robot से खास फ़र्क़ नहीं पड़ता.

ऊपर की गाँठ में यह रास्ता चलेगा?

नहीं. बीच की और ऊपर की भोजन नली श्वास नली से सटी होती है. उसे छूकर छुड़ाना सुरक्षित नहीं है. ऐसी गाँठ में छाती का रास्ता लिया जाता है.

Dr Harsh Shah कहाँ मिलते हैं?

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre, Gota, Ahmedabad

मुलाक़ात, scan और biopsy रिपोर्ट देखना, दूसरी राय और बाद की जाँच.

+91-63590-11009 · Gota केंद्र तक का रास्ता

Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar

भर्ती, robotic और खुला ऑपरेशन, तथा भर्ती रहकर देखभाल.

+91-63590-11009 · Apollo, Bhat तक का रास्ता

भोजन नली के cancer के लिए कहा गया है कि आपके फेफड़े छाती का ऑपरेशन नहीं झेलेंगे? CT, PET, दूरबीन जाँच की रिपोर्ट और फेफड़ों की जाँच WhatsApp पर पहले भेज सकते हैं. कौन-सा रास्ता लेना है, यह जाँच के बाद, मुलाक़ात में तय होता है. फ़ोन करें +91-63590-11009 मुलाक़ात से पहले रिपोर्ट भेजें

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