WhatsApp

आमाशय की दीवार में छिपा cancer: robot कब?

Endoscopy में अंदर की परत लगभग सामान्य दिखती है, पहली biopsy में cancer नहीं निकलता, फिर भी CT में आमाशय की दीवार मोटी और सख़्त दिखती है। बाद में गहरी biopsy से cancer पकड़ में आता है। इसे linitis plastica कहते हैं। यहाँ cancer ऊपर नहीं, दीवार की परतों के बीच फैलता है। परिवार का अगला सवाल होता है: ऑपरेशन robot से होगा या पेट खोलकर? यह पेज उसी सवाल का सीधा उत्तर देता है। Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Gota, Ahmedabad.

पिछली बार अपडेट: 18 अक्टूबर 2026

Dr Harsh Shah, robotic GI cancer surgeon, अहमदाबाद

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Cancer Surgeon (GI)
Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad · 18 वर्षों का अनुभव
★★★★★ Google: 5.0, 25 reviews (Dr. Jivraj Mehta Hospital, Vasna, Ahmedabad)

Dr Harsh Shah. GI surgery में दो उच्च डिग्रियाँ, और GI तथा cancer surgery का 18 वर्षों का अनुभव, जिसमें आमाशय की robotic surgery शामिल है। आमाशय के हर cancer पर इलाज से पहले tumour board में चर्चा होती है, जिसमें surgeon, cancer के डॉक्टर, scan के डॉक्टर और pathologist बैठते हैं। ऑपरेशन Dr Harsh Shah स्वयं करते हैं, robot के console पर या open table पर।

संक्षेप में

यह cancer दीवार के भीतर छिपता है, और पेट की अंदरूनी झिल्ली तक चुपचाप पहुँच सकता है। इसलिए बड़े ऑपरेशन से पहले दूरबीन से अंदर देखना ज़रूरी है।

ऑपरेशन तय हो तो पूरा आमाशय उसकी lymph nodes के साथ निकाला जाता है। कटे हुए किनारे ऑपरेशन के दौरान ही microscope से जाँचे जाते हैं।

Robot गहरी lymph nodes और ऊपर बनने वाले जोड़ में मदद करता है। लेकिन वह सख़्त दीवार को छूकर नहीं जान सकता, इसलिए यहाँ अक्सर पेट खोलकर ऑपरेशन ज़्यादा सुरक्षित रहता है।

दीवार के भीतर फैलने वाला cancer

Linitis plastica में cancer कोशिकाएँ आमाशय की दीवार की परतों के बीच फैलती हैं। ऊपर की परत सामान्य दिख सकती है, इसलिए सतह की biopsy इन्हें चूक सकती है।

कई परिवार यह नाम उलझन भरे हफ़्तों के बाद सुनते हैं। एक रिपोर्ट कहती है cancer नहीं, दूसरा scan कहता है दीवार मोटी है। इस बीमारी का स्वभाव ही ऐसा है। यह पेज वहाँ से शुरू होता है जब निदान पक्का हो चुका है और tumour board आपकी रिपोर्ट देख चुका है। जाँचें किस क्रम में होती हैं, यह इस पेज का विषय नहीं।

Surgeon के लिए यह cancer चार बातों में अलग है:

  1. छिपा फैलाव। Cancer कोशिकाएँ पेट की अंदरूनी झिल्ली तक जल्दी पहुँच सकती हैं, और scan में दिखने लायक़ बड़ी नहीं होतीं।
  2. पूरा आमाशय। दीवार में फैलाव के कारण आमाशय का हिस्सा रखना सुरक्षित नहीं।
  3. धुँधला किनारा। सख़्त दीवार का छोर आँख को सामान्य लग सकता है। इसलिए चौड़ा किनारा और microscope की जाँच चाहिए।
  4. स्पर्श की भूमिका। Surgeon की उँगलियाँ सख़्त और नरम दीवार का फ़र्क़ महसूस करती हैं। Robot यह नहीं कर सकता।

बड़े ऑपरेशन से पहले छोटी दूरबीन जाँच

आमाशय निकालने से पहले एक छोटा दूरबीन ऑपरेशन पेट की अंदरूनी झिल्ली को देखता है और washings लेता है। यही जाँच आगे के पूरे इलाज की दिशा तय करती है।

हमारा protocol आमाशय के ऐसे cancer में, बड़े ऑपरेशन की योजना से पहले, यह staging laparoscopy माँगता है। हमारे technique notes linitis plastica को उन प्रकारों में गिनते हैं जिनमें छिपा फैलाव ज़्यादा मिलता है। इसलिए यहाँ यह जाँच कभी छोड़ी नहीं जाती।

यह जाँच robot से नहीं, सामान्य दूरबीन के औज़ारों से होती है। नाभि के पास से camera जाता है, और एक-दो छोटे छेद और बनते हैं। बेहोश करके होने वाला यह एक छोटा ऑपरेशन है।

  1. पहले washings। किसी भी अंग को छूने से पहले पेट में गुनगुना नमकीन पानी डालकर वापस खींचा जाता है। पहले छूने से नमूना ख़राब हो सकता है।
  2. ध्यान से देखना। पेट की अंदरूनी झिल्ली, liver की सतह, छाती और पेट के बीच के पर्दे का निचला हिस्सा, और पेडू देखे जाते हैं।
  3. शक वाले धब्बे का नमूना। कुछ भी संदिग्ध लगे तो biopsy ली जाती है।
  4. Washings laboratory में। Pathologist उनमें तैरती cancer कोशिकाएँ खोजते हैं।
  5. Tumour board की बैठक। नतीजों से अगला क़दम तय होता है।

यह जाँच chemotherapy शुरू होने से पहले अलग से हो सकती है, या मुख्य ऑपरेशन के दिन पहले क़दम के रूप में। Consent में एक कठिन बात लिखी जाती है: फैलाव मिला तो बड़ा ऑपरेशन नहीं होगा।

ऑपरेशन से पहले दवा और भोजन

जिन मरीज़ों का ऑपरेशन हो सकता है, उनमें ज़्यादातर पहले chemotherapy लेते हैं। आख़िरी cycle के कुछ हफ़्ते बाद ऑपरेशन होता है, और ठीक होने के बाद फिर chemotherapy दी जाती है।

बहुत शुरुआती न हो ऐसे आमाशय के cancer में हमारा protocol ऑपरेशन के दोनों ओर chemotherapy रखता है। उद्देश्य है गाँठ को छोटा करना और शरीर में घूम रही कोशिकाओं पर जल्दी असर करना। दवाएँ और cycles की गिनती cancer के डॉक्टर आपके साथ तय करते हैं।

इस cancer में आमाशय छोटा और सख़्त हो जाता है। कई लोग सामान्य थाली नहीं खा पाते। इसलिए dietitian शुरू से जुड़ते हैं। वज़न न टिके तो छोटी आँत में एक पतली खाने की नली लगाई जा सकती है। Chemotherapy के महीनों में वह शरीर को भोजन देती है, ताकि आप ऑपरेशन तक मज़बूत पहुँचें।

ऑपरेशन से पहले फिर scan होता है। फिर tumour board पक्का करता है कि आमाशय निकालने की योजना अब भी ठीक बैठती है।

आमाशय का कोई हिस्सा क्यों नहीं बचता?

हमारे protocol में linitis plastica पूरा आमाशय निकालने का कारण है। Cancer दीवार में लंबाई में फैलता है, इसलिए हिस्सा रखने से cancer छूट जाने का डर रहता है।

आमाशय के कुछ cancer में निचला हिस्सा निकालकर ऊपर का हिस्सा रखा जा सकता है। यहाँ ऐसा नहीं होता। फैलाव अक्सर दिखने से आगे तक होता है। इसलिए पूरा आमाशय, उससे लटकती चर्बी की परत के साथ, निकाला जाता है।

आमाशय के आसपास की lymph nodes भी साथ निकलती हैं। इसे D2 dissection कहते हैं। ये nodes pancreas के ऊपर की बड़ी धमनियों के साथ और तिल्ली की ओर होती हैं। Laboratory हर समूह की nodes गिनकर रिपोर्ट देती है।

तिल्ली आम तौर पर रखी जाती है। हमारा protocol तिल्ली या pancreas का हिस्सा नियमित रूप से नहीं निकालता।

फिर भोजन के लिए नया रास्ता बनता है। भोजन नली का निचला सिरा छोटी आँत के एक हिस्से से जोड़ा जाता है। इसे Roux-en-Y जोड़ कहते हैं। भोजन नली से खाना सीधे छोटी आँत में जाता है।

कटाई का किनारा कहाँ हो?

इस ऑपरेशन का मुख्य सवाल है कि कहाँ काटा जाए। हमारा protocol दूसरे cancer से चौड़ा किनारा, और शक हो तो microscope की जाँच माँगता है।

Cancer दीवार के दिखते या महसूस होते हिस्से से आगे तक हो सकता है। कटे किनारे में cancer रह जाए तो जोड़ के पास लौट सकता है। इसलिए किनारे की योजना ऑपरेशन से पहले शुरू हो जाती है।

  1. Surgeon की अपनी endoscopy। जहाँ संभव हो, ऑपरेशन करने वाले surgeon स्वयं ऊपर का किनारा देखते हैं।
  2. किनारे के ऊपर निशान। उसी endoscopy में ऊपरी किनारे के ऊपर ink या छोटी clip लगाई जाती है। बिना छुए भी surgeon को काटने की जगह दिखती है।
  3. ज़्यादा ऊपर से कटाई। भोजन नली दिखते किनारे से अच्छी-ख़ासी ऊपर काटी जाती है।
  4. ऑपरेशन के बीच जाँच। कटा सिरा frozen section के लिए जाता है। आप बेहोश हों तभी pathologist उसे पढ़ते हैं।
  5. ज़रूरत हो तो और। किनारे पर cancer दिखे तो, जहाँ सुरक्षित हो, और हिस्सा निकाला जाता है।

यही वह क़दम है जहाँ खुले हाथ surgeon को अतिरिक्त जानकारी देते हैं। आगे इसी की बात है।

Robot इस ऑपरेशन में क्या जोड़ता है?

Robot स्थिर, बड़ा 3D दृश्य और कलाई की तरह मुड़ने वाले औज़ार देता है। इसका लाभ गहरी lymph nodes में और छाती-पेट के पर्दे के नीचे बनने वाले जोड़ में है।

पूरा आमाशय निकालने के ऑपरेशन में दो जगहें कठिन हैं। पहली, pancreas के ऊपर और तिल्ली की ओर की lymph nodes। दूसरी, ऊपर पर्दे के पास बनने वाला भोजन नली और आँत का जोड़।

Pancreas के ऊपर की nodes बड़ी धमनियों से सटी होती हैं। सीधे दूरबीन औज़ारों से वहाँ पहुँचने के लिए अक्सर pancreas को दबाना पड़ता है। दबाव से pancreas का रस रिस सकता है। Robot के मुड़ने वाले औज़ार nodes को pancreas से ऊपर उठा लेते हैं, बिना दबाए छील लेते हैं।

हमारे technique notes में surgeon के दोनों हाथों में एक-एक bipolar औज़ार रखने का तरीका लिखा है। ये कम गर्मी फैलाकर छोटी खून की नलियाँ बंद करते हैं। Pancreas और तिल्ली की खून की नलियों के पास यह मददगार है।

पर्दे के पास जगह तंग होती है। वहाँ मुड़ने वाले औज़ार भोजन नली को अलग करने और जोड़ बनाने या जाँचने में मदद करते हैं। Drip से दी जाने वाली एक dye robot की screen पर दिखाती है कि जोड़ तक खून ठीक पहुँच रहा है या नहीं।

क्या नहीं बदलता: ऑपरेशन ख़ुद। वही आमाशय, वही nodes और वही किनारे निकाले जाते हैं। Robot केवल कठिन हिस्सों को करने का तरीका बदलता है।

Robot छूकर नहीं जान सकता

Robot के पास स्पर्श की अनुभूति नहीं है। जब cancer आमाशय की बड़ी दीवार में फैला हो, तब हमारे technique notes पेट खोलकर ऑपरेशन को पहली पसंद मानते हैं।

दूसरे cancer में किनारा ज़्यादातर आँख से दिखता है। Linitis plastica में वह अक्सर हाथ से महसूस होता है। बीमार दीवार कड़ी और मोटी होती है, स्वस्थ दीवार नरम। खुले ऑपरेशन में उँगलियाँ आमाशय और भोजन नली पर चलकर यह फ़र्क़ खोजती हैं। Robot ज़्यादा साफ़ तस्वीर दिखाता है, पर सख़्ती नहीं बता सकता।

हमारा protocol भी कहता है कि पूरे आमाशय या बड़ी गाँठ में, जब तक surgeon अलग न तय करें, पेट खोलकर ऑपरेशन होता है। इसलिए linitis plastica में robotic ऑपरेशन केवल चुने हुए मरीज़ों के लिए है।

आपकी स्थितिआम रास्ताकारण
दूरबीन जाँच साफ़, chemotherapy पूरी, किनारा साफ़ दिखता और निशान लगा।Robotic ऑपरेशन पर विचार हो सकता है।किनारा आँख, निशान और frozen section से तय हो सकता है।
Cancer आमाशय की बड़ी दीवार में फैला।पेट खोलकर।छूकर सख़्त दीवार का छोर मिलता है।
Cancer बड़ी आँत, pancreas या तिल्ली में घुसा।पेट खोलकर।दूसरे अंगों के साथ निकालना खुले में ज़्यादा सुरक्षित।
ऊपरी पेट में पहले कई ऑपरेशन।अक्सर पेट खोलकर।चिपकी परतें सुरक्षित रास्ता छिपा देती हैं।
दिल या फेफड़े की ऐसी तकलीफ़ कि लंबा दूरबीन ऑपरेशन न झेल सकें।पेट खोलकर सोचा जाता है।पेट में gas का दबाव और लंबा समय शरीर पर बोझ बढ़ाते हैं।

यह पीछे हटना नहीं है। पेट खोलकर भी वही अंग और वही nodes निकलती हैं। इस cancer के कुछ मरीज़ों के लिए यही ज़्यादा पूरा ऑपरेशन है।

तीनों तरीकों की तुलना

तीनों तरीकों में पूरा आमाशय और वही lymph nodes निकलती हैं। फ़र्क़ है चीरे में, दृश्य में, स्पर्श में, खून बहने में, और फिर से अपने पैरों पर खड़े होने की रफ़्तार में।

पेट खोलकरदूरबीन सेRobotic
चीरा।ऊपरी पेट पर लंबा चीरा।छोटे छेद और एक छोटा चीरा।छोटे छेद और एक छोटा चीरा।
दृश्य।सीधा।बड़ा, सपाट।बड़ा, 3D, स्थिर।
सख़्त दीवार का स्पर्श।हाँ, हाथ से।नहीं।नहीं।
किनारा खोजना।आँख, स्पर्श और frozen section।आँख, निशान और frozen section।आँख, निशान और frozen section।
Pancreas के ऊपर और तिल्ली के पास की nodes।हाथ से।सीधे औज़ार, अक्सर pancreas पर दबाव।मुड़ने वाले औज़ार nodes को उठा लेते हैं।
पर्दे के पास का जोड़।सामान्य।तंग जगह में कठिन।मुड़ने वाले औज़ार मदद करते हैं।
Lymph nodes का मानक।समान।समान।समान।
खून बहना।ज़्यादा।कम।कम।
भर्ती के दिन।ज़्यादा।कम।कम।
काम पर वापसी।देर से।जल्दी।जल्दी।
बीच में पेट खोलना पड़े।लागू नहीं।ज़्यादा बार।कम बार।
ख़र्च।कम।open के आसपास।ज़्यादा, robotic औज़ारों के कारण।

यह तुलना बिना आँकड़ों के है। आमाशय की robotic surgery पर ज़्यादातर शोध शुरुआती cancer पर हुआ है, linitis plastica पर नहीं। आपके ऑपरेशन के आँकड़े consent की मुलाक़ात में समझाए जाते हैं।

Ports, docking और ऑपरेशन के पाँच हिस्से

आप पीठ के बल लेटते हैं और सिर की ओर ऊँचा रखा जाता है। ऊपरी पेट पर छोटे ports लगते हैं, और अंदर की जाँच साफ़ हो तभी robot की बाँहें जुड़ती हैं।

  1. स्थिति। पीठ के बल लेटना, हाथ बगल में, table सिर की ओर ऊँचा।
  2. Ports। ऊपरी पेट पर चाप के आकार में चार robotic ports, एक सहायक port, और छाती की हड्डी के नीचे liver उठाए रखने के लिए एक छोटा port।
  3. Docking। Robot की बाँहें ports तक लाकर जोड़ी जाती हैं।
  4. बाईं ओर का काम। चर्बी की परत बड़ी आँत से अलग होती है। तिल्ली की ओर की nodes साफ़ होती हैं, तिल्ली रहती है।
  5. निचला सिरा। आमाशय के नीचे छोटी आँत का पहला हिस्सा अलग करके काटा जाता है।
  6. Pancreas के ऊपर। बड़ी धमनियों के साथ की nodes साफ़ होती हैं, और आमाशय की अपनी धमनी जड़ के पास बंद होती है।
  7. ऊपरी सिरा। पर्दे के पास भोजन नली अलग करके काटी जाती है। कटा सिरा frozen section में जाता है।
  8. नया रास्ता। छोटी आँत का हिस्सा भोजन नली से जोड़ा जाता है। पानी के नीचे हवा से जोड़ जाँचा जाता है, और dye से खून का पहुँचना देखा जाता है।
  9. बाहर निकालना। आमाशय एक थैली में, पेट के निचले हिस्से के एक छोटे चीरे से बाहर आता है।

ऑपरेशन न करने का फ़ैसला कब?

कभी-कभी आमाशय न निकालना ही सही फ़ैसला होता है। फैलाव हो या शरीर लंबा ऑपरेशन न झेल सके, तब दवाएँ और सहारा बेहतर रास्ता हैं।

पूरा आमाशय निकालना बड़ा ऑपरेशन है। यह तभी लाभ देता है जब पूरा cancer निकल सके। हमारा protocol साफ़ बताता है कि कब ऐसा संभव नहीं:

स्थितिऑपरेशन क्यों नहींउसकी जगह क्या
पेट की अंदरूनी झिल्ली पर cancer दिखे।पूरे पेट में फैला cancer ऑपरेशन से नहीं निकलता।Tumour के ऊतक की जाँच के अनुसार चुनी गई दवाएँ।
Washings में cancer कोशिकाएँ।हमारा protocol इसे फैलाव के बराबर मानता है।पहले दवाएँ। Tumour board फिर देखे।
Liver या दूर के अंगों में फैलाव।Stage IV।दवाएँ, पोषण और तकलीफ़ों में राहत।
दिन का ज़्यादातर समय बिस्तर पर रहने जितनी कमज़ोरी।शरीर ऑपरेशन का बोझ नहीं झेल पाएगा।राहत की देखभाल और परिवार से खुली बात।
आमाशय सिकुड़ा, उल्टियाँ, पर फैलाव मौजूद।आमाशय निकालने से लाभ नहीं।खाने की नली या stent, डॉक्टर उसी दिन देखें।

फैलाव वाले हर मरीज़ के लिए हमारा protocol जल्दी पोषण और राहत की देखभाल जोड़ता है। बड़े ऑपरेशन से पहले, या ऑपरेशन न करने का फ़ैसला लेने से पहले, दूसरी राय लेना हमेशा स्वागत योग्य है।

ऑपरेशन के बाद पहले कुछ दिन

ऑपरेशन के बाद ठीक होना एक तय क्रम में चलता है। उसी दिन कुर्सी पर बैठना, पानी के घूँट, और अगले दिन चलना।

कबक्या होता है
ऑपरेशन का दिन।होश आने के कुछ घंटे बाद बिस्तर से बाहर बैठना। पानी के घूँट। Morphine के बिना या बहुत कम के साथ दर्द पर क़ाबू।
पहला दिन।तरल भोजन। तीन बार चलना। पेशाब की नली निकलती है। खाने की नली हो तो धीरे शुरू।
दूसरा और तीसरा दिन।नरम भोजन धीरे-धीरे। Drip कम होती है। दर्द की गोलियाँ मुँह से।
चौथे से छठे दिन।पूरा नरम भोजन। Drain हो तो निकलता है। घर जाने की जाँच।

कुछ लक्षणों पर कभी रात भर इंतज़ार नहीं किया जाता। तेज़ धड़कन, बुख़ार, पेट में नया दर्द या drain के पानी में बदलाव जोड़ से leak का संकेत हो सकता है। तब खाना बंद, drip चालू और उसी दिन scan होता है। घर पर इनमें से कुछ भी हो तो तुरंत office को फ़ोन करें।

घर, खाना और काम

एक दिन बुख़ार न हो, नरम भोजन पचे, ख़ुद चल सकें और गोलियों से दर्द क़ाबू में हो, तब घर जाते हैं। खाने का तरीका जीवन भर के लिए बदल जाता है।

  1. पूरे एक दिन बुख़ार नहीं।
  2. बिना उल्टी के नरम भोजन।
  3. ख़ुद चल पाना।
  4. गोलियों से दर्द पर क़ाबू।
  5. खाने की नली हो तो परिवार को उसकी देखभाल का प्रशिक्षण।

आमाशय के बिना थोड़ा-थोड़ा और बार-बार खाना पड़ता है, जीवन भर। भारी या मीठा खाने के बाद किसी को कमज़ोरी या पसीना आ सकता है। Dietitian इससे बचना सिखाते हैं। Vitamin B12 अब सोखा नहीं जाता, इसलिए उसके injection जीवन भर लगते हैं। Iron खून की जाँच से देखा जाता है।

हमारे protocol में काम पर लौटने की कोई तय तारीख़ नहीं है। यह ऑपरेशन के बाद की chemotherapy, आपके वज़न और आपके काम पर निर्भर है। बैठकर होने वाला काम आम तौर पर भारी काम से पहले शुरू होता है। तारीख़ follow-up में तय होती है।

मरीज़ों और परिवारों के अनुभव

★★★★★

“My father has carcinoma of stomach ,Harsh sir did radical gastrectomy and he is recovering very nicely under Dr.Harsh's observation ,he listen each and every complain calmly and with patience and make patient very comfortable during treatment , during procedure and during stay at hospital. we are satisfied with the treatment and very confident about the fully recovery of disease as we are under treatment of Dr.Harsh & team.Thank you Dr.Harsh & his whole team and staff.”

tina parmar · Google review

★★★★★

“Excellent doctor for stomach cancer. We r very happy. Recommend for gastro cancer treatment in Ahmedabad”

Purshottam Meena · Google review

★★★★★

“We are much satisfied with robotic surgery done by Dr harsh shah. He is very humble in nature. Highly recommended for gastro cancer surgeon in Ahmedabad. Thank u so much sir.”

Jyotsnaben Kotwal · Google review

Centre के Google listings पर जैसे लिखे गए, वैसे ही, अंग्रेज़ी में। दो आमाशय के cancer के ऑपरेशन पर हैं, एक robotic ऑपरेशन पर। कोई भी linitis plastica के केस के रूप में नहीं रखा गया।

आमाशय के cancer के ऑपरेशन के बाद Dr Harsh Shah के मरीज़ अपना अनुभव बताते हैं। यह film linitis plastica के केस के रूप में नहीं रखी गई।
Robotic surgery क्या है और surgeon robot को कैसे चलाते हैं, यह Dr Harsh Shah हिंदी में समझाते हैं। यह सामान्य समझ के लिए है, आमाशय के ऑपरेशन की film नहीं।

ख़र्च और insurance की बात

Robotic ऑपरेशन का ख़र्च open से ज़्यादा होता है, क्योंकि robotic औज़ार लगते हैं। पहली दूरबीन जाँच, खाने की नली या ज़्यादा दिन भर्ती रहने से भी कुल ख़र्च बदलता है।

ऑपरेशन तय होने के बाद office लिखित अनुमान देता है। आपकी policy अनुमति दे तो Apollo Hospital, Bhat में cashless भर्ती की सुविधा की जाती है। Robotic मंज़ूरी के लिए एक-दो दिन रखें। आपकी policy robotic surgery को कवर करती है या नहीं, और कितनी राशि तक, यह पूछ लें। Chemotherapy का ख़र्च अलग से जोड़ा जाता है। Office को +91-63590-11009 पर फ़ोन भी कर सकते हैं। Policy के काग़ज़, फ़ोटो पहचान-पत्र, disc पर scan सहित सारी रिपोर्ट और दवाओं की सूची साथ लाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहली biopsy साफ़ थी, फिर ऑपरेशन क्यों?

यह cancer दीवार के भीतर रहता है, इसलिए सतह की biopsy चूक सकती है। गहरी biopsy या दूसरी जाँच से निदान पक्का होने के बाद ही ऑपरेशन की बात होती है।

क्या linitis plastica का ऑपरेशन robot से हो सकता है?

कभी-कभी। पहली जाँच साफ़ हो और किनारा दिखे तथा निशान लगे, तो robotic ऑपरेशन पर विचार हो सकता है। Cancer बड़ी दीवार में फैला हो तो पेट खोलकर करना आम तौर पर ज़्यादा सुरक्षित है।

Staging laparoscopy robot से होती है?

नहीं। यह camera और एक-दो छोटे छेदों से होने वाली छोटी दूरबीन जाँच है। यह बड़े ऑपरेशन से पहले होती है।

Washings में cancer कोशिकाएँ मिलें तो?

हमारा protocol इसे फैलाव मानता है। तब आमाशय नहीं निकाला जाता। पहले दवाएँ दी जाती हैं, और tumour board फिर योजना देखता है।

क्या तिल्ली भी निकालनी पड़ेगी?

आम तौर पर नहीं। Cancer तिल्ली तक न पहुँचा हो तो हमारा protocol तिल्ली रखता है।

आमाशय के बिना खाना कैसे खाएँगे?

थोड़ा-थोड़ा, बार-बार, जीवन भर। Dietitian राह दिखाते हैं। Vitamin B12 के injection जीवन भर चलते हैं।

Dr Harsh Shah कहाँ मिलते हैं?

Dr. Jivraj Mehta Hospital, Dr Jivraj Mehta Marg, Vasna, Ahmedabad 380007

Consultation, scan और रिपोर्ट की समीक्षा, दूसरी राय, भर्ती, 3D HD दूरबीन और open ऑपरेशन, और follow-up. OPD सोमवार से शनिवार, सुबह 9 से शाम 5 बजे तक. Consultation फ़ीस ₹300.

Google: 5.0 · 25 reviews

+91-63555-64601 · +91-63590-11009 · Dr. Jivraj Mehta Hospital का रास्ता

आमाशय के cancer के ऑपरेशन के लिए मरीज़ पूरे गुजरात, दक्षिणी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश से आते हैं।

Endoscopy और biopsy की रिपोर्ट, CT scan और उसकी रिपोर्ट, और chemotherapy के काग़ज़ appointment से पहले भेज सकते हैं, ताकि consultation के समय वे पढ़े जा चुके हों। ऑपरेशन चाहिए या नहीं, और वह robotic, दूरबीन से या open होगा, यह consultation में जाँच के बाद और tumour board की चर्चा के बाद तय होता है। फ़ोन करें +91-63590-11009 WhatsApp पर लिखें

Rate this page

Get health updates from our surgeons on WhatsApp

Swasth Parivar: every week, practical advice on recovery, diet and warning signs. No advertising. Stop any time.

Your number is used for these updates and for the clinic to reach you. It is never sold or passed on. To stop, reply STOP on WhatsApp.

Robotic Cancer Surgery
Robotic cancer surgery in Ahmedabad
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.