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अंतिम अपडेट: 18 अक्टूबर 2026

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Robotic Cancer Surgeon (GI)
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad · 18 साल का अनुभव
★★★★★ Google: 4.9, 53 reviews (Gota clinic) · 5.0, 25 reviews (Apollo, Bhat)
संक्षेप में
मलाशय कैंसर की MRI में pelvis की किनारे वाली दीवार की लसीका गाँठें भी नापी जाती हैं। ये गाँठें आम ऑपरेशन में निकलने वाली परत के बाहर होती हैं।
सिकाई और दवा के बाद की MRI फ़ैसला करती है। गाँठ तब भी बड़ी रहे तो अक्सर निकाली जाती है। छोटी हो जाए तो नज़दीकी जाँच चलती रहती है।
Robot गहरे और तंग pelvis में स्थिर, बड़ा दिखने वाला दृश्य और कलाई की तरह मुड़ने वाले औज़ार देता है। यह ज़्यादा गाँठें नहीं निकालता; टीम का अनुभव ज़्यादा मायने रखता है।
staging से मुख्य ऑपरेशन तक की पूरी जानकारी मलाशय कैंसर का robotic ऑपरेशन, अहमदाबाद (English) वाले पेज पर है।
मलाशय चर्बी की एक परत में लिपटा रहता है, जिसे mesorectum कहते हैं। कैंसर का आम ऑपरेशन, TME, मलाशय को इसी परत के साथ निकालता है। परत के अंदर की लसीका गाँठें उसके साथ निकल जाती हैं।
गाँठों का दूसरा समूह इस परत के बाहर होता है। ये pelvis की दोनों तरफ़ की दीवारों पर, खून की नलियों के साथ चलती हैं। सर्जन इन्हें lateral pelvic गाँठें कहते हैं।
| जगह | कहाँ है | वहाँ से क्या गुज़रता है |
|---|---|---|
| Internal iliac जगह | Pelvis की भीतरी खून की नलियों के साथ। | मूत्राशय, कूल्हे और pelvis के तल को खून देने वाली नलियाँ। |
| Obturator जगह | और बाहर, pelvis की भीतरी दीवार से सटी। | Obturator तंत्रिका, जो जाँघ को अंदर की ओर खींचने में मदद करती है। |
TME इन जगहों तक नहीं पहुँचता। किनारे की गाँठ में कैंसर हो तो उसे जान-बूझकर निकालना पड़ता है। इस अतिरिक्त कदम को lateral pelvic lymph node dissection, यानी LPLND, कहते हैं।
यह मुख्य रूप से नीचे के मलाशय के कैंसर का सवाल है। यानी पेट की झिल्ली के मोड़ से नीचे, मलाशय के निचले हिस्से की गाँठ। ऊपर के मलाशय के कैंसर में ऐसा कम ही होता है।
गाँठ आंत की दीवार के पार निकल गई हो तो ख़तरा बढ़ता है। बड़ी गाँठ में भी यह बढ़ता है। कभी-कभी परत के अंदर की गाँठें साफ़ होती हैं, फिर भी किनारे की गाँठ में कैंसर होता है। इसलिए नीचे के मलाशय की हर MRI में किनारे की दीवार देखी जाती है।
किनारे की गाँठ का मतलब यह नहीं कि कैंसर दूर तक फैल गया। यह अब भी pelvis के अंदर की बात है, और पहले से तय ऑपरेशन से इसका इलाज हो सकता है।
मलाशय की MRI किनारे की हर गाँठ को उसकी छोटी चौड़ाई पर नापती है। Radiologist उसका आकार और किनारा भी लिखते हैं। सिकाई और दवा पूरी होने के कुछ हफ़्ते बाद MRI दोबारा होती है।
| MRI में क्या दिखा | आम तौर पर आगे क्या |
|---|---|
| इलाज से पहले 5 mm से छोटी गाँठ। | सिर्फ़ TME. किनारे की दीवार का ऑपरेशन नहीं। |
| इलाज से पहले 5 से 7 mm की गाँठ। | सिकाई और दवा, फिर दोबारा MRI तय करती है। |
| 7 mm या ज़्यादा, पर सिकाई के बाद अच्छी तरह छोटी हुई। | अक्सर सिर्फ़ TME और नज़दीकी जाँच। कुछ टीमें इसे भी निकालती हैं। Tumour board में चर्चा होती है। |
| सिकाई के बाद भी 4 mm या ज़्यादा रही। | TME के साथ उस तरफ़ की दीवार साफ़ करना। |
| बहुत बड़ी, या हड्डी, तंत्रिका या बड़ी नली से चिपकी गाँठ। | बड़ा ऑपरेशन चाहिए। उसकी तैयारी अलग से होती है। |
| लिवर या फेफड़ों में ऐसा फैलाव जो निकाला न जा सके। | पहले दवाएँ। किनारे का ऑपरेशन रुकता है। |
जापान में कुछ टीमें सिकाई के बिना, नियम से किनारे की गाँठें निकालती हैं। पश्चिम और भारत की ज़्यादातर टीमें पहले सिकाई और दवा देती हैं। फिर जो गाँठ बड़ी रहे, सिर्फ़ उसे निकालती हैं। अब दोनों रास्तों में चुनाव MRI से होता है।
ज़्यादातर एक ही तरफ़ शक वाली गाँठ दिखती है। तब सिर्फ़ उसी तरफ़ की सफ़ाई होती है। दूसरी तरफ़ को छुआ नहीं जाता, इसलिए उसकी तंत्रिकाएँ बचती हैं।
इलाज के बाद दोनों तरफ़ शक वाली गाँठ रहे तो दोनों तरफ़ सफ़ाई करनी पड़ सकती है। इसमें समय और कुछ जोखिम बढ़ता है। सर्जन आपके साथ इसे तौलते हैं।
किनारे की गाँठें हड्डियों से घिरी, तंग जगह में गहराई पर होती हैं। काम बड़ी खून की नलियों और नाज़ुक तंत्रिकाओं के पास होता है। यहाँ अच्छा दृश्य और बारीक औज़ार मदद करते हैं।
| मुद्दा | Robotic | दूरबीन | Open |
|---|---|---|---|
| कैंसर का ऑपरेशन | वही जगहें साफ़ होती हैं। | वही जगहें साफ़ होती हैं। | वही जगहें साफ़ होती हैं। |
| गहराई में दृश्य | स्थिर, बड़ा, 3D दृश्य, सर्जन के हाथ में। | बड़ा दृश्य, सहायक के हाथ में। | लंबे चीरे से सीधा। |
| औज़ार | कलाई की तरह मुड़ते हैं। | सीधे औज़ार। | हाथ के औज़ार। |
| निकलने वाली गाँठें | दूरबीन से ज़्यादा नहीं। | प्रशिक्षित हाथों में बराबर। | बराबर। |
| कब ज़्यादा ठीक | तंग pelvis, पुरुष का pelvis या भारी शरीर। | अनुभवी केंद्र में कई मरीज़। | बड़ी या चिपकी गाँठ, या नली की मरम्मत। |
मुंबई के Tata Memorial के एक अध्ययन में दूरबीन और robotic तरीक़े की तुलना हुई। विशेषज्ञ हाथों में दोनों के नतीजे पास-पास रहे। यानी मशीन मदद है, अच्छे नतीजे की वजह नहीं।
यह हर ऑपरेशन में जुड़ने वाला कदम नहीं है। इसके लिए ऐसी मलाशय कैंसर टीम चाहिए जो यह काम अक्सर करती हो। आपकी टीम यह कितनी बार करती है, यह पूछना ठीक है।
किनारे की दीवार पर मूत्राशय और यौन क्रिया की तंत्रिकाएँ चलती हैं। Obturator तंत्रिका भी वहीं है। हर एक को ढूँढकर बचाया जाता है, जब तक कैंसर उसमें घुस न गया हो।
Pelvis की भीतरी नलियों की मुख्य शाखाएँ भी बचाई जाती हैं। ऑपरेशन से पहले CT में असामान्य नलियाँ खोजी जाती हैं। Pubic हड्डी के पास की ऐसी एक धमनी छूट जाए तो बहुत खून बह सकता है।
तंत्रिकाएँ बचाना पेशाब और यौन क्रिया को सँभालने की मुख्य सुरक्षा है। इसकी तैयारी ऑपरेशन से पहले होती है, इसे किस्मत पर नहीं छोड़ा जाता।
आपके अपने आँकड़े सहमति वाली मुलाक़ात में समझाए जाते हैं।
नहीं। किनारे की गाँठें अब भी pelvis के अंदर हैं। अक्सर सिकाई के बाद, पहले से तय ऑपरेशन से इनका इलाज होता है।
कभी-कभी। दोबारा की MRI में गाँठ छोटी हो जाए तो अक्सर नज़र रखी जाती है। बड़ी रहे तो अक्सर निकाली जाती है।
नहीं। दोनों तरीक़ों में वही जगहें साफ़ होती हैं। Robot मुख्य रूप से गहरे pelvis में दृश्य और बारीक काम में मदद करता है।
कुछ लोगों को कुछ हफ़्ते होती है। पेशाब की नली लगभग एक हफ़्ता रहती है, और निकालने से पहले मूत्राशय को आदत डाली जाती है।
नहीं। MRI में शक वाली किनारे की गाँठ हो, तभी यह जोड़ा जाता है। ज़्यादातर ऑपरेशनों में इसकी ज़रूरत नहीं होती।
इस केंद्र में मलाशय कैंसर की सर्जरी की बात robotic मलाशय कैंसर सर्जरी वाले पेज पर है। परत के साथ होने वाला ऑपरेशन गहरे pelvis में robotic TME वाले पेज पर है। आने से पहले कुछ पूछना हो तो +91-63590-11009 पर कॉल करें।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre, Gota, Ahmedabad
Consultation, scan और biopsy रिपोर्ट देखना, दूसरी राय और नियमित जाँच।
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar
भर्ती, robotic और open सर्जरी, और भर्ती के दौरान देखभाल।
क्या आपकी मलाशय MRI रिपोर्ट में lateral, internal iliac या obturator गाँठ लिखी है? सिकाई से पहले और बाद की MRI, फ़िल्म और रिपोर्ट के साथ, WhatsApp पर पहले भेज सकते हैं। आगे क्या करना है, यह जाँच के बाद, आमने-सामने की मुलाक़ात में तय होता है। कॉल करें +91-63590-11009 मुलाक़ात से पहले MRI भेजें
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