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अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026

Dr Harsh Shah
MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology)
Registered with Gujarat Medical Council, Reg. No. G-38738
Robotic Cancer Surgeon (GI)
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad · 18 साल का अनुभव
★★★★★ Google: 4.9, 53 reviews (Gota clinic) · 5.0, 25 reviews (Apollo, Bhat)
संक्षेप में
Pelvic exenteration में मलाशय के साथ वे सभी पड़ोसी अंग, जिनमें cancer घुस चुका है, एक ही टुकड़े में निकाले जाते हैं।
यह ज़्यादातर open ऑपरेशन है। पहली बार का cancer आगे के एक ही अंग तक हो और chemoradiation से छोटा हुआ हो, तब चुने हुए मामलों में robot मदद कर सकता है।
Scan दिखाए कि पूरा cancer साफ़ किनारों के साथ निकल सकता है, तभी यह ऑपरेशन होता है। ऐसा संभव न हो तो ऑपरेशन की सलाह नहीं दी जाती।
मलाशय का ज़्यादातर cancer TME नाम के सामान्य ऑपरेशन से निकलता है। इसमें मलाशय और उसके आसपास की चर्बी एक साबुत आवरण में लिपटी हुई बाहर आती है। कभी-कभी cancer उस आवरण को पार कर पड़ोसी अंग में घुस जाता है। वह मूत्राशय, prostate, गर्भाशय, योनि की पिछली दीवार या रीढ़ के आख़िरी हिस्से की हड्डी हो सकती है। कभी पहले के इलाज के बाद cancer पेड़ू में लौट आता है। तब केवल TME करने से cancer अंदर छूट जाता है। उसे पूरी तरह निकालने का एक ही रास्ता है: प्रभावित अंगों को मलाशय के साथ एक ही खंड में निकालना। इसी ऑपरेशन को pelvic exenteration कहते हैं।
Cancer कहाँ तक घुसा है, उससे तय होता है कि कौन-से अंग निकलेंगे। पेड़ू का MRI ऑपरेशन से पहले यह दिखा देता है।
| प्रकार | मलाशय के साथ क्या निकलता है |
|---|---|
| पिछला, महिलाओं में। | गर्भाशय, गर्भाशय का मुँह और योनि की पिछली दीवार। |
| अगला, ज़्यादातर पुरुषों में। | मूत्राशय और prostate. |
| पूरा। | मूत्राशय, साथ में पुरुषों में prostate या महिलाओं में गर्भाशय और योनि। |
| Sacrum के हिस्से के साथ। | Cancer हड्डी तक पहुँचा हो तो रीढ़ के आख़िरी हिस्से का निचला भाग। |
| बगल की दीवार के साथ। | पेड़ू की बगल की दीवार और उस ओर की मुख्य रक्तवाहिनियाँ। |
पुरुष में cancer केवल seminal vesicles तक हो, तो उन्हें साथ लेकर थोड़ा चौड़ा मलाशय का ऑपरेशन आमतौर पर काफ़ी होता है। तब पूरे exenteration की ज़रूरत नहीं पड़ती।
Open ऑपरेशन मुख्य तरीका है। दूरबीन और robot केवल चुने हुए मामलों में लगते हैं, और क्या निकालना है, यह किसी भी तरीके से नहीं बदलता।
| हालात | आम तरीका |
|---|---|
| पहली बार का cancer, आगे के एक अंग तक, chemoradiation से छोटा हुआ। | चुने हुए मामलों में robotic. |
| अनुभवी केंद्र में चुने हुए मामले। | दूरबीन की मदद से हो सकता है। |
| Sacrum की हड्डी निकालनी हो। | Open. |
| बगल की दीवार और मुख्य रक्तवाहिनियाँ निकालनी हों। | Open. |
| पिछले ऑपरेशन के बाद लौटा cancer. | ज़्यादातर open. |
| पेड़ू में दो बार सिकाई हो चुकी हो। | ज़्यादातर open. |
यहाँ robot किस काम आता है? पेड़ू एक तंग, हड्डियों से घिरी जगह है। Robot स्थिर, बड़ा किया हुआ 3D दृश्य देता है। उसके मुड़ने वाले औज़ार उन कोनों तक पहुँचते हैं जहाँ दूरबीन के सीधे औज़ार नहीं पहुँचते। एक अतिरिक्त भुजा ऊतक को स्थिर थामे रखती है। पुरुषों में, भारी शरीर में और सिकाई के बाद गहराई में सही परत खोजने में यह ख़ास मदद करता है।
Robot क्या नहीं करता, यह भी साफ़ है। हड्डी या बगल की दीवार निकालने वाला ऑपरेशन इससे छोटा नहीं होता। साफ़ किनारों का नियम हर तरीके में एक ही रहता है।
Cancer साफ़ किनारों के साथ पूरा निकल सके, और शरीर लंबे बड़े ऑपरेशन के लायक हो, ये दो शर्तें हर बात से पहले जाँची जाती हैं।
पेड़ू का MRI मुख्य जाँच है। ज़्यादातर पहले chemotherapy और सिकाई दी जाती है, और ऑपरेशन पक्का करने से पहले scan दोबारा होता है।
दोबारा के scan में cancer दिखना बंद हो जाए, तो बिना ऑपरेशन के क़रीबी निगरानी की बात हो सकती है। इस बीच cancer कहीं और फैल जाए, तो ऑपरेशन नहीं किया जाता।
ज़्यादातर लोग दो stoma के साथ जीते हैं, एक शौच के लिए और एक पेशाब के लिए। यौन क्षमता आमतौर पर चली जाती है। यह सब फ़ैसले से पहले समझाया जाता है।
| विषय | आमतौर पर क्या होता है |
|---|---|
| शौच। | पेट के बाईं ओर स्थायी colostomy की थैली। |
| पेशाब। | मूत्राशय निकले तो छोटी आँत के टुकड़े से बना पेशाब का stoma. |
| दोनों पैरों के बीच का घाव। | बड़ा घाव पेट या जाँघ की मांसपेशी के flap से बंद किया जाता है। |
| यौन क्षमता। | आमतौर पर चली जाती है। सलाह और मदद दी जाती है। |
| दर्द। | पेड़ू में लंबा दर्द रह सकता है, जिसमें दर्द के विशेषज्ञ मदद करते हैं। |
| तंत्रिकाएँ। | हड्डी निकले तो स्तर के हिसाब से पैरों में कमज़ोरी या सुन्नपन हो सकता है। |
| भर्ती। | कुछ दिन ICU में, फिर लंबे समय तक वार्ड में। |
| बाद की जाँच। | कई विशेषज्ञों द्वारा जीवन भर नियमित जाँच। |
ऑपरेशन के जोखिम गंभीर हैं। इनमें ज़्यादा खून बहना, पेड़ू में गहरा संक्रमण, रिसाव, घाव खुलना, किडनी पर दबाव और खून के थक्के शामिल हैं। आपका अपना जोखिम consultation में खुलकर बताया जाता है।
यह फ़ैसला कभी अकेले एक surgeon का नहीं होता। मलाशय के cancer के surgeon अगुवाई करते हैं, साथ में urologist, gynaecologist और plastic surgeon होते हैं। Sacrum प्रभावित हो तो हड्डी और तंत्रिका के surgeon जुड़ते हैं। Radiologist, pathologist, दोनों oncologist, ICU के डॉक्टर और stoma nurse भी शामिल रहते हैं। Dr Harsh Shah आपके scan देखकर साफ़ बताते हैं कि ऑपरेशन संभव है या नहीं, किस प्रकार का होगा, और किन विशेषज्ञों की ज़रूरत होगी। ज़रूरी विशेषज्ञ यहाँ उपलब्ध न हों, तो यह भी साफ़ बताकर आपको सही जगह भेजा जाता है।
हाँ कहने से पहले नीचे के सवाल पूछें। गाँठ की ऊँचाई के हिसाब से मलाशय के cancer का ऑपरेशन इस पेज पर समझाया गया है।
ज़्यादातर यह open होता है। पहली बार का cancer आगे के एक अंग तक हो, तो चुने हुए मामलों में robot मदद करता है। हड्डी या बगल की दीवार निकालनी हो तो open ही।
अनुभवी केंद्र में चुने हुए मामलों में दूरबीन की मदद से हो सकता है। साफ़ किनारों के लिए क्या निकालना है, यह तरीके से नहीं बदलता।
मूत्राशय निकले तो ज़्यादातर लोगों को दो stoma लगते हैं, एक शौच और एक पेशाब के लिए। महिलाओं में पिछले ऑपरेशन में मूत्राशय बच सकता है।
कभी-कभी हाँ, अगर scan दिखाए कि वह पूरा साफ़ किनारों के साथ निकल सकता है और कहीं और फैलाव नहीं है। इसमें PET-CT ज़रूरी है।
जब साफ़ किनारे संभव न हों, ऐसा फैलाव हो जो निकल न सके, sacrum में हड्डी ऊपर तक प्रभावित हो, या शरीर बड़े ऑपरेशन लायक न हो।
इस केंद्र में मलाशय के cancer की सर्जरी की जानकारी robotic मलाशय cancer सर्जरी पेज पर है। आने से पहले कुछ पूछना हो तो +91-63590-11009 पर कॉल करें।
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre, Gota, Ahmedabad
Consultation, MRI, CT और पुरानी रिपोर्ट देखना, दूसरी राय और नियमित जाँच।
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar
भर्ती, robotic और open सर्जरी, ICU और भर्ती के दौरान देखभाल।
मलाशय का cancer मूत्राशय, गर्भाशय, योनि या रीढ़ के आख़िरी हड्डी वाले हिस्से तक पहुँच गया है, या इलाज के बाद लौट आया है? MRI और CT की रिपोर्ट, PET-CT हुआ हो तो वह, और पिछले ऑपरेशन व biopsy की रिपोर्ट WhatsApp पर पहले भेज सकते हैं, ताकि मुलाक़ात के समय वे पढ़ी जा चुकी हों। ऑपरेशन संभव है या नहीं, यह consultation और tumour board में तय होता है। कॉल करें +91-63590-11009 WhatsApp पर रिपोर्ट भेजें
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