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काम करने वाले मरीज़ का पहला सवाल अक्सर यही होता है — operation के बाद रोज़ का काम, दुकान, सफ़र चल पाएगा? गाँठ जब गुदा की मांसपेशी के ठीक ऊपर हो, तब इसका जवाब उसी मांसपेशी पर तय होता है, और robot वहीं तक पहुँचता है. Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad.
पिछली बार अपडेट: 6 अक्टूबर 2026

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Surgical gastroenterology में super-specialty training, इसी विषय में दो उच्च डिग्रियाँ, और GI और cancer surgery का 18 साल का अनुभव. मलाशय के सबसे निचले हिस्से का हर cancer tumour board में MRI सामने रखकर देखा जाता है, उसके बाद ही operation का नाम तय होता है.
मलाशय (rectum) के सबसे निचले हिस्से का cancer यानी गाँठ का निचला सिरा उस मांसपेशी (sphincter) के ठीक ऊपर, जो मल को रोककर रखती है. इस sphincter की दो परतें हैं: अंदर की, अपने-आप काम करने वाली मांसपेशी, जो मलाशय की दीवार का ही हिस्सा है; और बाहर की, जिसे हम जानबूझकर कसते हैं. Cancer बाहर की परत तक पहुँचा है या नहीं — लगभग सब इसी पर तय होता है.
बाहर की मांसपेशी और pelvic floor साफ़ हों, तो मलाशय को अंदर की मांसपेशी के साथ निकालकर — intersphincteric resection — आंत को गुदा पर जोड़ा जा सकता है, कुछ महीनों के लिए अस्थायी ileostomy के साथ. बाहर की मांसपेशी या pelvic floor शामिल हो, या पहले से control कमज़ोर हो, तो मलाशय और गुदा निकालकर स्थायी colostomy बनती है.
इनमें से कौन सा रास्ता सही है, यह robot तय नहीं करता — MRI, जाँच और tumour board करते हैं. Robot यह बदलता है कि ऊपर से होने वाला operation कितना नीचे जा सकता है — pelvic floor के पार, दोनों मांसपेशियों के बीच की तंग परत तक — और वह आख़िरी हिस्सा कितना साफ़ दिखता है.
मलाशय का cancer सबसे निचला तब कहलाता है जब उसका निचला सिरा anorectal junction के ठीक ऊपर हो — जहाँ मलाशय pelvic floor से गुज़रकर गुदा की नली बनता है. उसके नीचे इतनी कम जगह बचती है कि सामान्य जोड़ संभव नहीं; सवाल बस इतना है कि cancer के साथ कितनी मांसपेशी निकालनी पड़ेगी.
अंदर का sphincter मलाशय की दीवार की ही मोटी परत है. आराम की हालत में गुदा बंद रखता है, और हमारे सोचे बिना काम करता है. बाहर का sphincter, ऊपर से pelvic floor की मांसपेशी से जुड़ा, वह है जिसे हम रोके रखने के लिए कसते हैं. दोनों के बीच एक पतली प्राकृतिक परत है. जिस गाँठ ने वह परत पार नहीं की, उसे अंदर की मांसपेशी के साथ निकालकर बाहर वाली रखी जा सकती है; पार कर ली हो तो नहीं.
बाहर की मांसपेशी रखने से गुदा बचती है और स्थायी थैली टलती है — पर इसका मतलब यह नहीं कि toilet की आदत पहले जैसी रहेगी. यह सौदा, जो नीचे समझाया गया है, शुरू से फ़ैसले का हिस्सा है — operation के बाद पता चलने वाली बात नहीं.
गाँठ कैसे पकड़ी गई और stage कैसे तय हुआ, यह यहाँ दोहराया नहीं गया; वह मलाशय के cancer की robotic surgery वाले page पर है. यह page tumour board के इलाज तय करने के बाद, sphincter पर होने वाले फ़ैसले की बात करता है.
चार संभव रास्ते हैं: बहुत नीचे तक मलाशय निकालकर गुदा पर जोड़; intersphincteric resection और गुदा पर जोड़; मलाशय और गुदा निकालकर स्थायी colostomy; और chemotherapy-radiotherapy के बाद गाँठ पूरी ग़ायब हो जाए तो बिना operation ध्यान से निगरानी. हर एक की अपनी शर्तें हैं.
| Sphincter पर स्थिति | रास्ता | आपके लिए इसका मतलब |
|---|---|---|
| गाँठ के नीचे थोड़ी स्वस्थ आंत, sphincter साफ़ | बहुत नीचे तक मलाशय निकालकर गुदा पर जोड़, अस्थायी ileostomy के साथ | गुदा बचती है; toilet की आदत बदलती है; ileostomy कुछ महीनों में बंद |
| गाँठ सिर्फ़ अंदर की मांसपेशी तक; बाहर की मांसपेशी और pelvic floor साफ़; पहले control अच्छा | Intersphincteric resection: अंदर की मांसपेशी गाँठ के साथ, आंत हाथ से गुदा पर जोड़ी जाती है, अस्थायी ileostomy | गुदा बचती है; toilet की आदत ज़्यादा बदलती है, training चाहिए |
| बाहर की मांसपेशी या pelvic floor शामिल, या operation से पहले control कमज़ोर | Abdominoperineal excision: मलाशय और गुदा निकालकर स्थायी colostomy | जोड़ ही नहीं; स्थायी थैली; गुदा वाले जोड़ का जोखिम नहीं |
| Chemotherapy-radiotherapy के बाद देखने या छूने में गाँठ नहीं | Watch and wait: पास-पास जाँच, endoscopy और MRI; गाँठ दोबारा उगे तभी operation | मलाशय बचता है; सिर्फ़ उनके लिए जो हर जाँच पर बिना चूके आ सकें |
Watch-and-wait छोटा रास्ता नहीं, पूरा कार्यक्रम है. यह सिर्फ़ पूरे clinical response के बाद, सालों तक पास-पास जाँच के साथ, और गाँठ लौटे तो तुरंत operation मानने वाले के लिए है. दूसरे राज्य से नियमित आना संभव न हो, तो Dr Harsh Shah यह साफ़ कह देते हैं — झूठा भरोसा नहीं देते.
Operation से पहले तीन बातें रास्ता तय करती हैं: MRI दोनों मांसपेशियों के बीच की परत, बाहर के sphincter और pelvic floor के बारे में क्या दिखाता है; जाँच के समय surgeon की उँगली को क्या महसूस होता है; और cancer से पहले मल और गैस पर आपका control कितना अच्छा था.
निचली गाँठ की MRI report में गाँठ की ऊँचाई, दोनों मांसपेशियों के बीच की परत बची है या नहीं, और बाहर का sphincter या pelvic floor छू रहा है या नहीं — यह सब लिखा होना चाहिए. गुदा में उँगली की जाँच surgeon को बताती है कि गाँठ हिलती है या चिपकी है, और उसका निचला सिरा मांसपेशी के छल्ले के सामने कहाँ है. दोनों मिलकर तय करते हैं कि आंत किस रेखा पर कटेगी.
गाँठ जितना ही महत्व इलाज से पहले के control का है. गुदा वाला जोड़ बची हुई मांसपेशी पर बहुत भार डालता है. Control पहले से कमज़ोर हो, लंबी training संभव न हो, या यह सौदा आपको मंज़ूर न हो, तो स्थायी colostomy रिसते जोड़ से ज़्यादा स्थिर जीवन दे सकती है. यह फ़ैसला आपके साथ लिया जाता है, आपके लिए नहीं.
Chemotherapy और radiotherapy के बाद MRI दोबारा होता है. गाँठ सिकुड़ी हो तो रास्ता sphincter बचाने वाला बन सकता है; न सिकुड़ी हो तो उल्टा. आख़िरी plan पहले नहीं, आख़िरी MRI पर बनता है.
Robot ऊपर से होने वाले operation को और नीचे ले जाता है: pelvic floor के पार, अंदर और बाहर के sphincter के बीच की परत में — स्थिर, बड़े दृश्य के साथ और pelvis की तली पर मुड़ने वाले औज़ारों के साथ. फिर नीचे से करने वाला हिस्सा छोटा रहता है, और ऊपर से खोली गई परत से मिलता है.
Open operation में pelvis का सबसे गहरा हिस्सा हाथ से पहुँचा जाता है, अक्सर तली पर ठीक से दिखता नहीं. दूरबीन में सीधे औज़ार दुम की हड्डी के सामने खड़े कोण पर काम करते हैं — तंग पुरुष pelvis में, भारी शरीर में और radiotherapy से सख़्त हुए pelvis में यह सबसे कठिन है. Robot के मुड़ने वाले औज़ार sacrum के घुमाव के साथ और pelvic floor के साथ-साथ चलते हैं; surgeon का चलाया स्थिर camera, जहाँ मलाशय गुदा की नली में सिकुड़ता है, मलाशय और मांसपेशी के बीच की पतली परत दिखाता है.
यही दृश्य nerves बचाता है. पेशाब और यौन जीवन की nerves pelvis की बगल की दीवार पर और मलाशय के आगे, काटने की जगह से कुछ ही millimetre दूर चलती हैं; सही operation उनके ठीक अंदर रहता है.
Robot cancer की जगह नहीं बदलता. शामिल हो चुकी बाहर की मांसपेशी को रखने लायक़ नहीं बनाता, और गाँठ के और पास काटने का कारण कभी नहीं बनता. Margin के लिए बाहर की मांसपेशी निकालनी पड़े, तो वह निकलती ही है.
मरीज़ पीठ के बल लेटते हैं, पैर ऊपर और फैले हुए — ताकि robot ऊपर से काम करे तब दूसरी team गुदा पर काम कर सके. चार पतले robotic ports पेट पर एक लाइन में, assistant के लिए एक और, और पूरा operation एक ही docking में.
Positioning, padding और गर्माहट docking से पहले पूरी होती है, क्योंकि robot जुड़ने के बाद मरीज़ को हिलाया नहीं जा सकता. Stoma nurse operation से पहले अस्थायी ileostomy की जगह पर निशान लगाती हैं, और एक port ठीक वहीं लगाया जाता है — इसलिए उसके लिए अलग चीरा नहीं.
ऊपर से robot बाईं ओर की बड़ी आंत (left colon) को आज़ाद करता है, तिल्ली के पास का मोड़ भी — यहाँ यह ज़रूरी है, क्योंकि आंत बिना खिंचाव के गुदा तक पहुँचनी चाहिए — मलाशय की मुख्य धमनी (artery) को काबू करता है, और मलाशय के पीछे, बगल और आगे pelvic floor तक और उसके पार दोनों मांसपेशियों के बीच की परत में उतरता है. फिर नीचे की team काम सँभालती है.
नीचे से retractor से गुदा की नली धीरे से खोली जाती है, और काटने की रेखा के ऊपर बंद की जाती है ताकि गाँठ के cells न बिखरें. MRI से तय किए स्तर पर अंदर का sphincter चारों ओर काटा जाता है, और दोनों मांसपेशियों के बीच की परत को ऊपर की ओर, robot की खोली परत से मिलने तक, खोलते जाते हैं.
मलाशय, अंदर का sphincter और मलाशय की चर्बी की थैली एक ही टुकड़े में निकालकर गुदा से बाहर खींचे जाते हैं — इसलिए टुकड़ा निकालने के लिए पेट पर चीरा नहीं. Pathologist थैली और margins का grade देते हैं; Dr Harsh Shah उस grade को अपने काम के हिसाब की तरह देखते हैं.
आंत का सिरा नीचे लाकर, उसकी खून की सप्लाई जाँचकर, गुदा की नली से हाथ से, टाँके-टाँके जोड़ा जाता है. जोड़ भरने तक मल को दूसरी तरफ़ मोड़ने के लिए निशान वाली जगह पर loop ileostomy हमेशा बनती है; इतने नीचे के जोड़ में यह वैकल्पिक नहीं. Pelvis में drain रखा जाता है.
Abdominoperineal excision में pelvic floor तक का robotic हिस्सा वही रहता है; फिर गुदा और बाहर की मांसपेशी नीचे से निकाली जाती है, घाव परत-दर-परत बंद होता है, और स्थायी colostomy बनती है.
गुदा पर जोड़ के बाद toilet की आदत बदलती है. तुरंत जाना पड़ना, बार-बार थोड़ा-थोड़ा, एक साथ कई बार, और कभी कपड़े पर दाग़ — इसे low anterior resection syndrome (LARS) कहते हैं. पहले एक-दो साल में सुधरता है, पर पूरी तरह ठीक न भी हो — और यह operation से पहले बताया जाता है, बाद में नहीं.
इसकी training तय है: आंत को आदत डालना, नियमित खाना और रेशे का plan, आंत को धीमा करने वाली दवा, pelvic floor की कसरत (physiotherapy), और कुछ लोगों में रोज़ निचली आंत को पानी से साफ़ करना. हर follow-up में इसका score होता है और पूछा जाता है, क्योंकि मरीज़ शायद ही ख़ुद बात छेड़ते हैं.
Operation के बाद काम पर कब और कैसे लौटें, यह भी इसी से जुड़ा है. स्थायी colostomy operation की नाकामी नहीं है. जिसका control पहले से कमज़ोर था, जो लंबी training के लिए आ नहीं सकता, या जिसे तय, अनुमान वाली दिनचर्या पसंद है — उसके लिए सही जगह बनी और भरोसे से सँभाली गई colostomy, toilet से बाँधे रखने वाले जोड़ से ज़्यादा आज़ाद ज़िंदगी दे सकती है. Dr Harsh Shah stoma nurse के साथ दोनों ज़िंदगियाँ ईमानदारी से समझाते हैं, फिर आप चुनते हैं.
तीनों का लक्ष्य एक ही टुकड़ा है — चर्बी की थैली साबुत, चारों ओर और नीचे साफ़ margin — और उस थैली के अंदर की वही lymph nodes. फ़र्क़ यह है कि sphincter की मांसपेशियों के बीच की परत तक कितना अच्छा पहुँचा जाता है, रिकवरी और ख़र्च.
| Open | दूरबीन (laparoscopic) | Robotic | |
|---|---|---|---|
| चीरा | पेट के बीच लंबा चीरा | छोटे छेद | छोटे छेद |
| ऊपर से pelvic floor के नीचे पहुँचना | हाथ से, तली पर कम दिखता है | सीधे औज़ार खड़े कोण पर; तंग pelvis में कठिन | मुड़ने वाले औज़ार pelvic floor के साथ मांसपेशियों के बीच की परत में |
| नीचे से करने को बचा हिस्सा | लंबा | लंबा | छोटा, ऊपर से खोली परत से मिलता है |
| Nerves बचाना | ध्यान से संभव | ध्यान से संभव | स्थिर, बड़ा दृश्य मदद करता है |
| खून जाना | ज़्यादा | कम | कम |
| निकाली जाने वाली lymph nodes | थैली के अंदर की हर node टुकड़े के साथ | वही | वही |
| Operation के दौरान open में बदलना | लागू नहीं | तंग या radiotherapy वाले pelvis में ज़्यादा बार | कठिन pelvis में कम बार |
| Hospital में रुकना और काम पर लौटना | लंबा; घाव वज़न नहीं उठाने देता | छोटा | दूरबीन जैसा; ज़्यादातर ileostomy सँभालना सीखने पर निर्भर |
| Theatre का समय | कम | ज़्यादा | सबसे ज़्यादा |
| ख़र्च | कम | मध्यम | ज़्यादा |
अनुभवी हाथों में robotic और दूरबीन से मलाशय निकालने के cancer के नतीजे बराबर हैं. Robot का फ़ायदा ठीक वहाँ है जिसकी यह page बात करता है — तंग pelvis की तली पर — और चौड़े pelvis में कम, जहाँ दूरबीन से वही operation अच्छा और सस्ता होता है.
बाहर का sphincter या pelvic floor शामिल हो, तो किसी भी तरीके से गुदा निकालनी ही पड़ती है. गाँठ prostate, योनि, bladder या pelvis की दीवार में बढ़ गई हो, तो उसे उस अंग के साथ एक ही टुकड़े में — ज़्यादातर open operation में — निकाला जाता है. Robot है, इसलिए इनमें से कोई फ़ैसला ढीला नहीं होता.
पड़ोसी अंग पर चिपकी गाँठ कभी उखाड़ी नहीं जाती. दिल या फेफड़ों की गंभीर बीमारी में सिर नीचे झुकाना और पेट में gas भरना सुरक्षित न हो — यह anaesthetist के साथ पहले से तौला जाता है. Operation के दौरान परत हाथ से निकल रही हो या खून हाथ से बेहतर काबू होता हो, तो operation open में आगे बढ़ता है, जैसा consent में लिखा है — लक्ष्य टुकड़े की गुणवत्ता है, चीरे की लंबाई नहीं.
Radiotherapy के बाद operation उसके ख़त्म होने के लगभग दो-तीन महीने बाद plan होता है, क्योंकि ताज़ा radiotherapy वाले pelvis में operation से गुदा वाले जोड़ और perineal घाव का जोखिम बढ़ता है.
रिकवरी enhanced-recovery तरीके से: उसी शाम उठकर बैठना, उसी दिन पीना, अगले दिन से खाना और चलना. इतने नीचे के operation के बाद पेशाब की नली थोड़ी ज़्यादा देर रहती है. छुट्टी आम तौर पर एक ही बात पर रुकती है — ileostomy की थैली भरोसे से सँभालना आया या नहीं.
Stoma nurse छुट्टी से पहले मरीज़ और घरवालों को सिखाती हैं. Ileostomy से बहुत ज़्यादा पानी आना hospital लौटने का सबसे आम कारण है, इसलिए घरवाले output पर नज़र रखें और बढ़ने पर सादा पानी नहीं, ORS दें.
गुदा वाले जोड़ के बाद चेतावनी के लक्षण तय हैं: बुख़ार, धड़कन तेज़, pelvis या गुदा में दर्द, गुदा या योनि से पीप या गैस, या तीसरे दिन तक सुधार नहीं. इनमें से कुछ भी हो तो scan और consultant को तुरंत ख़बर — सुबह तक इंतज़ार कभी नहीं.
Ileostomy कुछ महीनों बाद बंद होती है — आगे की chemotherapy पूरी हो और contrast study जोड़ भरा हुआ दिखाए उसके बाद. Toilet के control की training उसके बंद होने के बाद शुरू होती है और हर मुलाक़ात पर देखी जाती है, cancer की जाँच — examination, CEA, CT और colonoscopy — के साथ-साथ.
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“We consulted Dr. Harsh Shah for rectal cancer treatment and had a very good experience. He is a very experienced and knowledgeable doctor who explained the treatment process clearly and guided us at every step. His supportive nature and professional approach gave us confidence throughout the treatment. We are grateful for his dedication and the care provided by him and his team. Highly recommended for rectal cancer treatment in Ahmedabad.”
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मलाशय के cancer का इलाज करा चुके मरीज़ का Google review, जैसा लिखा है वैसा ही; और robotic low anterior resection के बाद एक मरीज़ की बात.
Mamta Somar · Google review
Nagesh Patidar · Google review
Joseph Sibi · Google review
मलाशय के सबसे निचले हिस्से के cancer का robotic operation open या दूरबीन से महँगा है, क्योंकि हर operation में robotic औज़ार लगते हैं और theatre का समय ज़्यादा जाता है; ileostomy, उसका सामान और बाद में उसे बंद करने का operation — ये कुल ख़र्च के अलग हिस्से हैं. Office भर्ती से पहले लिखित estimate देता है.
Estimate इस पर बदलता है कि sphincter पर कौन सा रास्ता चुना गया, hospital में कितने दिन, और radiotherapy या chemotherapy कहीं और दी जा चुकी है या नहीं. Policy अनुमति दे तो Apollo Hospital, Bhat में cashless की व्यवस्था होती है, और pre-authorisation के काग़ज़ office तैयार करता है. पूछ लें कि आपकी policy robotic surgery को कितनी सीमा तक कवर करती है, और ileostomy बंद करने का operation अलग भर्ती के रूप में कवर है या नहीं. Policy के काग़ज़, photo ID, MRI की disc के साथ सारी reports और चल रही दवाओं की सूची साथ लाएँ.
कई बार हाँ, अगर MRI में बाहर का sphincter और pelvic floor साफ़ हों और पहले control अच्छा हो. तब गाँठ अंदर की मांसपेशी के साथ निकाली जाती है और आंत गुदा पर जोड़ी जाती है. बाहर की मांसपेशी शामिल हो तो गुदा निकालकर स्थायी colostomy बनानी पड़ती है.
नहीं. यह गाँठ और मांसपेशी तय करते हैं, मशीन नहीं. Robot ऊपर से दोनों मांसपेशियों के बीच की परत को साफ़ देखने और वहाँ पहुँचने देता है, ताकि MRI पर तय किया गया sphincter बचाने वाला operation सुरक्षित तरीके से हो सके.
ज़्यादातर लोग लौटते हैं, पर toilet की आदत पूरी तरह पहले जैसी नहीं रहती. तुरंत जाना, बार-बार जाना और एक साथ कई बार जाना आम है; training से एक-दो साल में सुधरता है. चुनाव से पहले यह बात होती है.
हाँ — जब पहले control कमज़ोर हो, लंबी training संभव न हो, या तय दिनचर्या ज़्यादा पसंद हो. सही जगह बनी colostomy रिसते जोड़ से ज़्यादा आज़ाद ज़िंदगी दे सकती है.
सिर्फ़ तब, जब chemotherapy और radiotherapy के बाद गाँठ देखने या छूने में न आए, और आप सालों तक पास-पास जाँच, endoscopy और MRI के लिए आ सकें. गाँठ लौटे तो तुरंत operation.
Operation के कुछ महीनों बाद — आगे की chemotherapy पूरी हो और contrast study गुदा वाला जोड़ भरा हुआ दिखाए उसके बाद.
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — Gota, Ahmedabad
Consultation, scan और biopsy की reports देखना, second opinion, follow-up.
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Apollo Hospital — Bhat, Gandhinagar
भर्ती, robotic और open surgery, और hospital में देखभाल.
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मलाशय के cancer के operation के लिए पूरे गुजरात, दक्षिण राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश से मरीज़ आते हैं.
Pelvis का MRI, biopsy और CT की reports appointment से पहले भेज सकते हैं, ताकि मुलाक़ात शुरू होते समय वे पढ़ी जा चुकी हों. Sphincter रखा जा सकेगा या नहीं — यह मुलाक़ात में जाँच के बाद और tumour board में तय होता है. Call करें +91-63590-11009 WhatsApp पर लिखें
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