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गर्भाशय (बच्चेदानी) की परत के cancer वाली कई महिलाओं को वज़न, sugar या BP भी होता है, और परिवार को लगता है कि दूरबीन का operation उनके लिए नहीं. असल में इसी बीमारी में दूरबीन से operation पहली पसंद है — यह पन्ना बताता है कि robot उसमें क्या जोड़ता है और कब open करना पड़ता है. Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad.
आख़िरी अपडेट: 8 अक्टूबर 2026

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Dr Swati Shah surgical oncologist हैं, 18 साल का अनुभव रखती हैं, और गर्भाशय, बच्चेदानी के मुँह और अंडाशय के cancer के operation robot, दूरबीन और open — तीनों तरीकों से करती हैं. गर्भाशय के हर cancer पर operation से पहले tumour board में चर्चा होती है, और final report व molecular नतीजा आने पर दोबारा.
गर्भाशय की परत के cancer का पहला इलाज बच्चेदानी, उसका मुँह (cervix), दोनों नलियाँ और दोनों अंडाशय निकालना है. दूरबीन से — robot या laparoscopy — यह operation करने पर cancer का नतीजा open जितना ही रहता है, और शरीर पर बोझ बहुत कम पड़ता है. इसलिए यहाँ यही पहली पसंद है.
Robot श्रोणि (pelvis) की गहराई में स्थिर, बड़ा दृश्य और कलाई की तरह मुड़ने वाले औज़ार देता है — वज़न ज़्यादा हो, sugar या दिल की तकलीफ़ हो तब यह और काम आता है. इसका near-infrared camera हरी दवा को हर तरफ़ की पहली lymph node तक जाते दिखाता है.
वे पहली nodes — sentinel nodes — निकालकर बारीकी से जाँची जाती हैं; श्रोणि की सारी nodes साफ़ नहीं की जातीं. बच्चेदानी थैली में पूरी योनि के रास्ते बाहर आती है, और ज़्यादातर महिलाएँ उसी दिन या अगले दिन घर जाती हैं.
जिनका cancer बच्चेदानी तक सीमित दिखता है, ऐसी लगभग हर महिला दूरबीन के operation — robot या laparoscopy — के लायक है. इसका असली फ़ायदा उन महिलाओं को है जिनका वज़न ज़्यादा है, या जिन्हें sugar, BP या दिल की बीमारी है — जिनके लिए पेट पर बड़े चीरे से उबरना कठिन होता है.
गर्भाशय की परत का cancer और बच्चेदानी के मुँह (cervix) का cancer — दो अलग बीमारियाँ हैं, और सबूत भी उल्टे हैं. Cervix के cancer में दूरबीन से radical operation अब पसंद नहीं किया जाता. गर्भाशय की परत के cancer में उल्टा है: बड़े अध्ययनों में दूरबीन से cancer का नतीजा बराबर और परेशानियाँ कम मिलीं. किसी ने कहा हो कि “बच्चेदानी का cancer तो open ही होगा”, तो अक्सर cervix का नियम ग़लत बीमारी पर लगा दिया गया होता है.
कुछ हालात में अब भी दूसरा रास्ता चाहिए. योनि के रास्ते पूरी न निकल सके इतनी बड़ी बच्चेदानी, पहले के operation से बुरी तरह चिपका पेट, या बच्चेदानी के बाहर साफ़ फैली बीमारी जिसे बड़ा operation चाहिए — इनमें open operation होता है. पेट के किसी भी operation के लिए सच में अक्षम महिला को, tumour board की चर्चा के बाद, सिर्फ़ योनि के रास्ते बच्चेदानी निकालने की सलाह दी जा सकती है — यह मानते हुए कि staging अधूरी रहेगी.
गर्भाशय के cancer का शक कैसे होता है और निदान कैसे पक्का होता है, यह robotic uterus cancer surgery के पन्ने पर और मुलाक़ात में समझाया जाता है. यह पन्ना operation और उसमें robot क्या बदलता है, इस बारे में है.
कम उम्र की महिला, जिसे कम grade का cancer है और अभी बच्चा चाहिए, उसे कुछ समय operation की जगह hormone का इलाज दिया जा सकता है. वह अलग, सँकरा रास्ता है — आमने-सामने बात होती है, यहाँ नहीं.
दूरबीन का कोई भी तरीका हो, operation वही रहता है. Robot जोड़ता है: श्रोणि की गहराई में स्थिर थमा हुआ, बड़ा, त्रि-आयामी दृश्य; बच्चेदानी के आसपास और श्रोणि की दीवारों तक पहुँचने वाले कलाई जैसे औज़ार; और sentinel nodes को चिह्नित करने वाली दवा दिखाने वाला near-infrared camera.
श्रोणि सँकरी है, और बच्चेदानी की नसें गुर्दे से पेशाब ले जाने वाली नलियों (ureters) के बहुत पास से गुज़रती हैं. स्थिर, बड़े दृश्य में Dr Swati Shah उन नलियों को नज़र में रखकर नसें सटीकता से बंद कर पाती हैं. कलाई जैसे औज़ार बच्चेदानी के चारों ओर और श्रोणि के कोनों तक सीधे औज़ारों के मुश्किल कोणों के बिना पहुँचते हैं.
वज़न दूरबीन के operation पर उम्मीद से ज़्यादा असर डालता है. भारी शरीर में पेट की दीवार मोटी होती है और आँतें श्रोणि में भर जाती हैं; robot की भुजाएँ उस बोझ के सामने अपनी जगह थामे रहती हैं, इसलिए operation बार-बार की ठीक-ठाक के बिना आगे बढ़ता है. यानी जिन महिलाओं को open चीरे से बचने का असली फ़ायदा है, उन्हीं में robot ख़ास काम का है.
इस बीमारी में दूरबीन और robot — दोनों में cancer का नतीजा बराबर है. दोनों में से कौन, यह महिला की काठी, दूसरी बीमारियों और बच्चेदानी के आकार के हिसाब से मुलाक़ात में तय होता है. Robot के औज़ारों में छूने का एहसास नहीं होता, इसलिए जो दिखता है और operation से पहले की जाँचें जो बताती हैं, उसी से फ़ैसला होता है.
महिला पीठ के बल लेटती है, पैर सहारे पर, और table सिर की ओर नीचे झुकाया जाता है ताकि आँतें श्रोणि से ऊपर खिसक जाएँ. नाभि के पास camera का port और पेट पर robot के ports लगते हैं, और स्थिति व गद्दी पूरी जमने के बाद robot जोड़ा जाता है.
सिर नीचे रखने से ही श्रोणि में काम की जगह बनती है. इस स्थिति में साँस और BP पर ख़ास ध्यान रखा जाता है — इसीलिए दिल या फेफड़ों की तकलीफ़, नींद में साँस रुकना या sugar हो तो anaesthesia की जाँच जल्दी करवाई जाती है.
पहला काम पूरे पेट पर नज़र — झिल्ली, चर्बी की परत (omentum), liver की सतह और अंडाशय — और श्रोणि से धोकर लिया गया पानी laboratory भेजा जाता है. Scan में न दिखी बीमारी दिखे, तो plan आँख मूँदकर नहीं चलाया जाता; वहीं दोबारा सोचा जाता है.
Operation की शुरुआत में बच्चेदानी के मुँह में हरी दवा (ICG) का injection दिया जाता है. यह lymph की नलियों से होकर श्रोणि की हर तरफ़ की पहली lymph node — sentinel node — तक जाती है, और robot के near-infrared camera में चमकती है. वह node निकालकर बहुत बारीकी से जाँची जाती है.
बच्चेदानी से फैलने वाला cancer पहले sentinel node तक पहुँचता है. वह node साफ़ हो तो बाक़ी nodes में बीमारी होने की संभावना बहुत कम है, इसलिए उन्हें छोड़ दिया जाता है. पुराने तरीके से श्रोणि की सारी nodes निकालने से उम्र नहीं बढ़ी, और पैरों की सूजन कहीं ज़्यादा हुई.
Pathologist से नाम लिखकर sentinel nodes का ultrastaging करने को कहा जाता है — यानी उन्हें बहुत पतला काटकर, आम जाँच में छूट जाने वाले छोटे कणों के लिए ख़ास रंग से जाँचना. यह अपने आप नहीं होता; form पर लिखना पड़ता है.
कभी-कभी एक तरफ़ दवा किसी node तक नहीं पहुँचती. जिस तरफ़ नक्शा न बने, वह तरफ़ बिना staging की मानी जाती है, इसलिए उस तरफ़ की nodes सामान्य तरीके से निकाल ली जाती हैं. बड़ी या शक वाली कोई भी node, दवा कुछ भी दिखाए, निकाल ली जाती है.
High-grade या serous किस्म के cancer में, जब नतीजा आगे का इलाज बदलता हो, मुख्य ख़ून की नलियों के साथ ऊपर की nodes भी निकाली जाती हैं. जहाँ हरी दवा और near-infrared सुविधा न हो, वहाँ nodes पुराने तरीके से निकाली जाती हैं — पैर की सूजन का जोखिम ज़्यादा है, इसकी consent के साथ — पर nodes की जाँच कभी छोड़ी नहीं जाती.
बच्चेदानी, उसका मुँह, दोनों नलियाँ और दोनों अंडाशय साथ निकलते हैं. बच्चेदानी की नसें बंद की जाती हैं, मूत्राशय धीरे से हटाया जाता है और ureters नज़र में रखे जाते हैं, और योनि का ऊपरी सिरा बंद करने से पहले बच्चेदानी थैली में पूरी योनि के रास्ते बाहर निकाली जाती है.
Serous cancer और carcinosarcoma ज़्यादा आक्रामक होते हैं; इनमें चर्बी की परत (omentum) और पेट की झिल्ली के नमूने भी निकाले जाते हैं, क्योंकि ये cancer सीमित दिखें तब भी वहाँ फैल सकते हैं.
बच्चेदानी निकालने के लिए अंदर उसके टुकड़े नहीं किए जाते, श्रोणि की सारी nodes नियम से साफ़ नहीं की जातीं, और operation के दौरान frozen section के भरोसे staging कितनी हो यह तय नहीं किया जाता. हर एक के पीछे कारण है.
पेट के अंदर बच्चेदानी के टुकड़े करने (morcellation) से cancer की कोशिकाएँ बिखर सकती हैं, इसलिए cancer हो या शक हो तो यह कभी नहीं किया जाता. इसीलिए बच्चेदानी का आकार मायने रखता है: योनि के रास्ते पूरी न निकले तो operation अलग तरह से plan होता है.
श्रोणि की सारी nodes निकालने से पैर की सूजन और पानी की थैलियाँ बढ़ती हैं, उम्र नहीं — इसीलिए sentinel तरीका आया. Operation के दौरान का frozen section गर्भाशय के cancer का grade परखने में भरोसेमंद नहीं, इसलिए staging का plan operation से पहले तय होता है, जल्दबाज़ी की पढ़ाई से नहीं बदलता.
बहुत बड़ी बच्चेदानी, पहले के operation से बुरी तरह चिपका पेट, या दूरबीन से सुरक्षित operation संभव न हो — तब operation open होता है या open में बदला जाता है. पेट में फैली बीमारी जो पूरी निकाली जा सके, उसका operation open होता है. Open में बदलने की consent पहले ली जाती है — यह अच्छा फ़ैसला है, नाकामी नहीं.
Scan में न दिखी बच्चेदानी के बाहर की बीमारी मिले, तो operation के दौरान plan दोबारा देखा जाता है. कभी इसका मतलब बड़ा operation होता है; कभी नमूने लेकर रुकना, ताकि इलाज ठीक से plan हो सके. दोनों में परिवार को बताया जाता है कि क्या मिला और plan क्यों बदला.
तीनों में वही अंग, वही sentinel-node staging के साथ निकलते हैं, और दूरबीन व robot में cancer का नतीजा open जितना ही है. फ़र्क़ चीरे के आकार में, ख़ून जाने में, घर और काम पर कितनी जल्दी लौटें इसमें, और किस हालत में कौन सा ठीक है इसमें है.
| Open | दूरबीन (laparoscopic) | Robotic | |
|---|---|---|---|
| चीरा | पेट के निचले हिस्से में चीरा | छोटे ports; बच्चेदानी योनि के रास्ते | छोटे ports; बच्चेदानी योनि के रास्ते |
| श्रोणि की गहराई का दृश्य | सीधा | बड़ा, सपाट | बड़ा, त्रि-आयामी, स्थिर |
| Sentinel-node नक्शा | अलग camera system से संभव | Near-infrared camera से संभव | Near-infrared camera साथ में ही |
| ख़ून जाना | ज़्यादा | कम | कम |
| Lymph nodes | Sentinel nodes, या एक तरफ़ की nodes | वही | वही |
| Hospital में रुकना | कुछ दिन | उसी दिन या अगले दिन घर | उसी दिन या अगले दिन घर |
| काम पर लौटना | देर से | जल्दी | जल्दी |
| ख़र्च | कम | Open के बराबर | ज़्यादा, robotic औज़ारों के कारण |
| किसके लिए | बहुत बड़ी बच्चेदानी, बुरी तरह चिपका पेट, फैली बीमारी | बच्चेदानी तक सीमित बीमारी वाली ज़्यादातर महिलाएँ | बच्चेदानी तक सीमित बीमारी वाली ज़्यादातर महिलाएँ, ज़्यादा वज़न वाली महिलाओं समेत |
अंडाशय निकलने के बाद menopause तय है, पैर की सूजन की संभावना, और operation के बाद के इलाज का फ़ैसला — रास्ता कोई भी हो, ये बातें एक जैसी रहती हैं.
बिना परेशानी वाली robotic surgery के बाद महिला कुछ घंटों में कुर्सी पर बैठती है, उसी दिन खाती-पीती है, शाम को पेशाब की नली निकलती है, और उसी दिन या अगली सुबह घर जाती है. चलना उसी दिन शुरू होता है.
घर जाने से पहले परिवार को चेतावनी के संकेत सिखाए जाते हैं: बुख़ार, बदबूदार स्राव, घटने की बजाय बढ़ता दर्द, साँस फूलना या पिंडली में दर्द. ख़ून पतला करने के injection दिए और सिखाए जाते हैं, क्योंकि श्रोणि के cancer के operation में — ख़ासकर ज़्यादा वज़न में — थक्का बनने का जोखिम बढ़ता है. Sugar वाली महिलाओं में sugar का काबू घाव भरने के लिए ज़रूरी है, इसलिए physician की सलाह साथ चलती है.
योनि का ऊपरी सिरा कुछ हफ़्तों में भरता है. अचानक ख़ून आना या कुछ नीचे आता महसूस होना — ख़ासकर संबंध के बाद — तुरंत दिखाना है; इसलिए follow-up में भराव पक्का होने तक पति-पत्नी का संबंध रुका रहता है. एक पैर में सूजन हो तो जल्दी बताएँ — पहले थक्का न होने की जाँच के लिए scan, फिर lymph की सूजन हो तो जल्दी compression.
अंडाशय निकलने के अगले दिन से menopause आ जाता है, और कुछ महिलाओं को गर्मी की लहरें आती हैं. कम जोखिम वाले शुरुआती cancer में hormone replacement अक्सर चल सकता है — इस पर बात होती है, चुपचाप मना नहीं किया जाता. काम पर और वज़न उठाने पर कब लौटें, यह घाव और ऊपरी सिरे का भराव देखकर follow-up में तय होता है.
Final report और गाँठ के molecular test operation के लगभग दो हफ़्ते बाद साथ देखे जाते हैं, और वही मुलाक़ात तय करती है कि आगे कोई इलाज चाहिए या नहीं. वह appointment hospital छोड़ने से पहले ही तय कर दी जाती है.
Molecular test अब grade जितने ही अहम हैं. कुछ गाँठों में ऐसा बदलाव होता है कि आगे इलाज की ज़रूरत ही नहीं; कुछ छोटी होकर भी आक्रामक होती हैं और chemotherapy या radiotherapy चाहिए. इसलिए plan पहली report से नहीं, इस नतीजे का इंतज़ार करके बनता है.
Report में staging का नया और पुराना — दोनों रूप लिखे जाते हैं, क्योंकि कई hospital और insurance अब भी पुराना इस्तेमाल करते हैं. गाँठ में ख़ास तरह का नतीजा आए तो Lynch syndrome की जाँच होती है; यह महिला के बच्चों और भाई-बहनों के लिए भी मायने रखता है, और referral पूरा होने तक इस पर नज़र रखी जाती है.
Follow-up पहले दो साल हर तीन-चार महीने, फिर हर छह महीने. हर बार योनि के ऊपरी सिरे की जाँच, और ख़ून आना, पैर की सूजन, menopause की तकलीफ़ और वैवाहिक जीवन के बारे में सीधे सवाल. कम जोखिम वाली बीमारी में नियमित scan की ज़रूरत नहीं.
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“Doctor Swati shah operated my mother for endometrium cancer .we came after 3 yrs . Now she is good . Thank u so much mam.”
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“Great experience with dr. Swati madam and staff”
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“My mother was treated for cervix cancer 5 years ago by Dr. Swati Shah (Gynec Oncologist). She is highly skilled, explains everything clearly, and provides very compassionate care. Thanks to her expertise, my mother is doing well today. Highly recommended.”
Dr Swati Shah से गर्भाशय और cervix के cancer का इलाज करवाने वाली महिलाओं के परिवारों के Google reviews, जैसे लिखे गए वैसे ही, और गर्भाशय के cancer की robotic surgery के बाद एक मरीज़ के शब्द.
Bharat Algotar · Google review
bharat chavda · Google review
Meena Yadav · Google review
Dr Swati Shah का video देखें: गर्भाशय के cancer में sentinel lymph node क्यों अहम है (YouTube).
गर्भाशय के cancer की robotic surgery का ख़र्च दूरबीन या open से ज़्यादा है, robotic औज़ारों के कारण. ऊपर की nodes निकालना, फैली बीमारी के लिए बड़ा operation या लंबा रुकना कुल ख़र्च बदलते हैं. तरीका तय होने के बाद office लिखित अनुमान देता है.
आपकी policy अनुमति दे तो Apollo Hospital, Bhat में cashless भर्ती की व्यवस्था होती है, और pre-authorisation के कागज़ office तैयार करता है. पूछ लें कि policy robotic surgery को कितनी सीमा तक कवर करती है, और गाँठ के molecular test को कवर करती है या नहीं. Policy के कागज़, फ़ोटो पहचान-पत्र, disc के साथ सारी reports और अभी की दवाओं की सूची साथ लाएँ.
अक्सर हाँ. ऐसी महिलाओं में दूरबीन या robot से operation का फ़ायदा और ज़्यादा है. Anaesthesia की जाँच जल्दी करवाई जाती है, और sugar पहले काबू में लाई जाती है.
क्योंकि दोनों अलग बीमारियाँ हैं. गर्भाशय की परत के cancer में अध्ययनों में दूरबीन से cancer का नतीजा बराबर और परेशानियाँ कम मिलीं.
हर तरफ़ बच्चेदानी से lymph पहले जिस node तक पहुँचता है, वह. हरी दवा robot के camera में उसे दिखाती है; उसे निकालकर बारीकी से जाँचा जाता है, सारी nodes साफ़ करने की बजाय.
नियम से नहीं. सिर्फ़ sentinel nodes, शक वाली कोई node, और जिस तरफ़ दवा ने node नहीं दिखाई उस तरफ़ की nodes. कुछ आक्रामक cancer में ऊपर की nodes भी.
नहीं. बच्चेदानी थैली में पूरी योनि के रास्ते निकलती है. इतनी बड़ी हो कि न निकले, तो operation अलग तरह से plan होता है.
बिना परेशानी वाली robotic surgery के बाद अक्सर उसी दिन या अगली सुबह — खाना, चलना और पेशाब ठीक से होने लगे तब.
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Consultation, scan और biopsy की reports देखना, second opinion, follow-up.
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Apollo Hospital — Bhat, Gandhinagar
भर्ती, robotic और open surgery, और hospital में देखभाल.
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गर्भाशय के cancer के operation के लिए पूरे गुजरात, दक्षिण राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश से महिलाएँ आती हैं.
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